शिवरीनारायण। छत्तीसगढ़ राज्य के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धार्मिक नगरी तथा श्री राम वन गमन पर्यटन परिपथ का मुख्य स्थल शिवरीनारायण में नव दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में मठ मंदिर महोत्सव के तहत भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इस दौरान आज पंचम दिवस के द्वितीय सत्र में माता कौसल्या जन्मभूमि कोसला के धर्मानुरागी श्रद्धालुओं ने महामंडलेश्वर राजेश्री महंत डॉ.रामसुंदर दास जी से आत्मीय भेंट कर श्री सीता राम विवाह उत्सव के पावन अवसर पर श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ एवं विराट संत सम्मेलन के दौरान व्यास पीठ महाराज श्री मधुसूदनाचार्य वेदांताचार्य जी का अभिषेक कर माता कौसल्या जन्मभूमि मंदिर का तेल चित्र भेंट कर उनका श्रीफल व साल से आत्मीय अभिषेक किया। इस दौरान कोसला के 11 सदस्यीय धर्म प्रेमी नागरिकों ने पवित्र मंच पर महाराज जी का सादर अभिवादन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान कथा ज्ञान यज्ञ व्यास पीठ से महाराज जी ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को गौ सेवा अवश्य करनी चाहिए जहां पर गौ माता सुखी होती है वहां की सारी प्रजा सुखी एवं संपन्न हो जाते हैं। गौ माता के शरीर में संसार के समस्त देवी देवताओं का वास होता है। एक गौ माता की सेवा से संसार के सभी देवी- देवता प्रसन्न हो जाते हैं। यह बातें अवधपुरी धाम, उत्तर प्रदेश से पधारे हुए अनंत श्री विभूषित श्री स्वामी मधुसूदनाचार्य वेदांताचार्य जी महाराज ने श्री शिवरीनारायण मठ महोत्सव में भारी संख्या में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए अभिव्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कितना भी बड़ा महल बना लो यदि गृहणी नहीं है तो वह घर नहीं हो सकता! तीर्थ में किया हुआ पाप बज्र के समान होता है, तीर्थ में जाकर कभी भी पाप मत करना! राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्म भूमि, शबरी जन्मभूमि के रज के कण-कण का महत्व है। यहां पर जाओ तो पुण्य कमा करके जाओ। माता यशोदा, भगवान कृष्ण चंद्र जी को सुलाने के लिए भगवान राम की कहानी सुनाती हैं और कहती हैं की पंचवटी में सीता का हरण रावण ने कर लिया इतना सुनते ही कृष्ण जी आवेश में आकर बोलते हैं *सौमित्र मेरा सारंग धनुष लाओ मैं रावण को एक ही बाण में मार कर नष्ट कर दूंगा उन्हें अपने अगले जन्म की बातें याद आ गई। जो राम है वही कृष्ण हैं और जो कृष्ण है वही राम जी हैं। उन्होंने कहा प्रत्येक तीर्थ यात्रियों को शिवरीनारायण की यात्रा अवश्य करनी चाहिए यहां विलक्षण कृष्णवट वृक्ष है, जिसके पत्ते दोने के आकार के हैं ऐसा विलक्षण वृक्ष विश्व के किसी तीर्थ में नहीं है। तीर्थ को संत ही पवित्र करते हैं यहां तो बंदिनीय संत विद्यमान है।
00 भारी संख्या में उपस्थित हुए श्रोता
शिवरीनारायण श्रद्धा एवं विश्वास की पावन धरा है प्रत्येक व्यक्ति यहां पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करना चाहते हैं। शनिवार को दोपहर लोग काफी संख्या में उपस्थित हुए। स्रोताओं की संख्या इतनी अधिक थी की मठ का पूरा परिसर खचाखच भरा था। रविवार को भीड़ और अधिक होने की संभावना है।
00 श्री सीताराम विवाह महोत्सव की धूम
जैसे-जैसे श्री सीताराम विवाह महोत्सव की तिथि नजदीक आते जा रही है शिवरीनारायण में चारों ओर विवाह महोत्सव की धूम मची हुई है। लोग उस पल की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि जब वे भगवान के बाराती बनेंगे। उल्लेखनीय है कि मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमी तद्नुसार दिनांक 25 नवंबर 2025 को सांध्य कालीन बेला में भगवान की बारात धूमधाम के साथ निकाली जाएगी। महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज प्रत्येक दिवस की तरह मुख्य यजमान के रूप में मंचासीन थे।
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