जशपुर। शराब पीकर स्कूल आने वाले प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया गया है। उसके ऊपर छात्राओं, महिला शिक्षिकाओं को प्रताड़ित करने और अश्लील हरकत करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि निलंबित प्रधान पाठक छात्राओं को घर बुलाकर कपड़े धुलवाते थे।
मिली जानकारी के अनुसार जशपुर जिले के अंतिम छोर में पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत सुरंगपानी स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में गणेश राम चौहान प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ है। उसके खिलाफ दो दर्जन से अधिक नाबालिग आदिवासी छात्राओं ने उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया था। इसके अलावा शिक्षिकाओं से दुर्व्यवहार करने और शराब के नशे में स्कूल आने की भी शिकायत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुरंगपानी के प्राचार्य तुलाराम दिनकर से की थी। इसके बाद प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी व पत्थलगांव ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने लिखित शिकायत पत्र जारी किया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीईओ ने टीम गठित कर इसकी जांच की। जांच टीम ने बालिकाओं सहित संस्था की महिला शिक्षिकाओं का बयान लिया। छात्राओं ने बताया कि बताया कि प्रधान पाठक गणेश राम चौहान अक्सर शराब के नशे में स्कूल आते हैं। पढ़ाने के बजाए दुर्व्यवहार करते हैं। छात्राओं को अपने घर बुलाकर उनसे कपड़े साफ कराते हैं। इतना ही नहीं.. विरोध करने या बात न मानने पर उन्हें स्कूल में ही दुर्व्यवहार किया जाता है। उनके मुंह से शराब की गंध आती हैं। कुछ बात करने पर धमकाते है।
इस संबंध में प्रधान पाठक गणेश राम चौहान से पूछताछ में उन्होंने शिक्षिकाओं के साथ थोड़ी कहासुनी होने की बात कही। बच्चियों से कपड़े धुलवाने की बात पर प्रधान पाठक ने बच्चियों के घर जाकर उनकी मां को 200 रुपए देकर यह काम करवाने की बात कही। प्रधान पाठक ने प्राचार्य को दिए गए आवेदन में भी अपनी गलती स्वीकार की है। जांच टिम के सामने दो महिला शिक्षिकाओं ने भी प्रधान पाठक पर दुर्व्यवहार और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शिक्षिकाओं का कहना है कि जब वे इसका विरोध करती हैं, तो प्रधान पाठक बस्तर के जंगली इलाकों में ट्रांसफर करवा देने की धमकी देते हैं।
जांच में शिकायत की पुष्टि होने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने कार्यवाही के लिए उच्च अधिकारियों को प्रतिवेदन सौंप दिया। लेकिन प्रतिवेदन सौंपने के बावजूद 15 दिनों तक कार्यवाही नहीं हुई। जिससे ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता गया और पालकों का गुस्सा भी फूट पड़ा था। उन्होंने प्रधान पाठक गणेश राम चौहान को बर्खास्त करने के साथ ही उनके खिलाफ एक्ट्रोसिटी और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की। नहीं करने पर पालकों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इसके बाद शिक्षा विभाग अधिकारी को सक्रिय हुए और प्रधान पाठक को निलंबित किया।निलंबन अवधि में प्रधान पाठक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, फरसाबहार, जिला जशपुर में संलग्न कर दिया गया है। निलंबन अवधि में चौहान को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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