कोयला कारोबारियों ने GST को सरेंडर किया 27 करोड़, शहर में चर्चा : ये देखते देखते करोड़पति कैसे हो गए ?

रायपुर। प्रदेश के GST विभाग की टीम ने बिलासपुर में तीन बड़े कोयला कारोबारियों के 11 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में कारोबारियों ने 27 करोड़ 61 लाख रुपये सरेंडर किए हैं। GST की टिम ने GST चोरी की जांच की है जबकि कोयला अफरा तफरी को लेकर नहीं हुई है। अब शहर के चौक चौराहों में इस बात को लेकर चर्चा कर रहे है कि कोयला का ये कारोबारी देखते देखते करोड़ पति कैसे हो जाते है ?
जानकारी के मुताबिक महावीर कोल वाशरी, फिल कोल बेनिफिकेशन और पारस कोल एंड बेनिफिकेशन के ठिकानों पर GST की टिम ने एक साथ जांच की गई। इसमें महावीर कोल वाशरी ग्रुप ने 10 करोड़ रुपये, फिल ग्रुप ने 11 करोड़ रुपये और पारस कोल वाशरी ने 6.50 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए हैं।
यह कार्रवाई जीएसटी चोरी के मामले में की गई है। स्टेट जीएसटी की टीम कारोबारियों के लेनदेन, आय और टैक्स रिकॉर्ड खंगाले है। विभाग को इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये के लेनदेन और टैक्स चोरी का मामला सामने आया है।
कोल वाशरी के डायरेक्टर्स की बात करें तो महावीर कोल वाशरी में विशाल कुमार जैन, अरविंद कुमार जैन, विकास कुमार जैन (CEO), ऋचा पाहवा (कंपनी सेक्रेटरी) और विनोद कुमार जैन शामिल हैं। फिल कोल बेनिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड में ललित कुमार झा, प्रवीण चंद्र झा और प्रदीप चंद्र झा डायरेक्टर हैं।
इसी तरह पारस पावर एंड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड में राहुल शुक्ला, प्रशांत कुमार जैन, सतेंद्र कुमार जैन और संदीप कुमार जैन डायरेक्टर हैं। इन कारोबारियों ने स्टेट जीएसटी को GST चोरी की राशि सरेंडर की है। क्योंकि टिम ने टैक्स चोरी को लेकर जांच की है कोयला के अफरा तफरी की नहीं। जबकि पूरे प्रदेश में इस बात की चर्चा हमेशा से रही है कि कोयला का कारोबार करने वाले व्यापारी देखते देखते करोड़पति और अरबपति कैसे हो जाते है। प्रदेश तो दूर की बात है पूरे देश में इस सब्जेक्ट को लेकर न तो कभी जांच हुई और न ही कभी कार्रवाई हुई।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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