बिलासपुर। कांग्रेस ने ‘मनरेगा’ और ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले को लेकर देशभर में बड़े पैमाने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओ ने इन प्रेस वार्ताओं को संबोधित किया। बिलासपुर में प्रेस कांफ्रेंस लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुमा आचार्य ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। मनरेगा को लेकर अनुमा आचार्य ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने “सुधार” के नाम पर लोकसभा में एक और बिल पास करके दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी स्कीम – मनरेगा को खत्म कर दिया है। जबकि मनरेगा की आत्मा ग्राम पंचायतों के अधिकार, रोजगार की कानूनी गारंटी और सत्ता के विकेंद्रीकरण में निहित है। जिसे जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। मनरेगा पूरी तरह से केंद्र से फंडेड था अब केंद्र सरकार ने फंडिंग रेश्यो को 90 : 10 से बदलकर 60:40 कर दिया है। इसी तरह कार्य की अवधि 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया। 125 दिन रोजगार देने का दावा किया जा रहा है, जबकि हकीकत में 40 से 50 दिन से ज्यादा रोजगार नहीं दिया जा रहा है। पिछले 11 सालों में मोदी सरकार ने MNREGS को सिस्टमैटिक तरीके से कमज़ोर किया है। बजट में कटौती करने से लेकर राज्यों से कानूनी तौर पर ज़रूरी फंड रोकने, जॉब कार्ड हटाने और आधार-बेस्ड पेमेंट की मजबूरी के ज़रिए लगभग सात करोड़ मज़दूरों को बाहर कर दिया गया। मोदी सरकार ने डीसेंट्रलाइज़ेशन को भी कुचल दिया है। जो अधिकार कभी ग्राम सभाओं और पंचायतों के पास थे, उन्हें छीनकर सेंट्रलाइज्ड डिजिटल कमांड सिस्टम, GIS मैपिंग, PM गति शक्ति लेयर्स, बायोमेट्रिक्स, डैशबोर्ड और एल्गोरिदमिक सर्विलांस को सौंप दिया जा रहा है।दूसरे मुद्दे पर बोलते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। नेशनल हेराल्ड सिर्फ एक अखबार नहीं बल्कि पंडित नेहरू, पुरुषोत्तमदास टंडन और रफी अहमद किदवई जैसे महान सेनानियों के संघर्ष की निशानी है। इसे किसी मुनाफे के लिए नहीं बल्कि आजादी के मूल्यों को बचाने के लिए शुरू किया गया था। जब यह संस्थान कर्ज में डूबा तो कांग्रेस ने इसे चेक के जरिए मदद दी। कानून में ऐसा कोई नियम नहीं है जो किसी राजनीतिक दल को अपनी वैचारिक विरासत को बचाने से रोकता हो। भाजपा ने इसी मदद को घोटाला बताकर देश को गुमराह किया, जबकि सच यह है कि एजेएल की एक-एक इंच जमीन आज भी उसी के पास सुरक्षित है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12-13 वर्षों तक सीबीआई और ईडी खुद स्वीकार करती रहीं कि न कोई मनी ट्रांजैक्शन हुआ, न संपत्ति का ट्रांसफर और न ही कोई मूल अपराध मौजूद था। उन्होंने कहा कि अदालत के हालिया फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला निराधार था। यह सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की जीत है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर जिला अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विजय केसरवानी, विजय पाण्डेय, सियाराम कौशिक, ग्रामीण महिला अध्यक्ष सीमा धृतेश, प्रदेश महिला महासचिव शिल्पी तिवारी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष शेरू असलम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
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