भाजपा नेता की हत्या, मुस्ताक अहमद सहित चार गिरफ्तार, कुल्हाड़ी और चाकू से किया था हमला

कोरबा। भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या के मामले में कोरबा पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी मुस्ताक अहमद मृतक भाजपा नेता से पुरानी रंजिश रखता था। इसके पहले भी दोनो के बीच हाथापाई हो चुकी थी। आरोपी पिछले एक सप्ताह में दो बार हत्या करने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन चूक गए थे।
भाजपा नेता एवं जनपद सदस्य अक्षय गर्ग की हत्या की गुत्थी को कोरबा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में मुख्य आरोपी मुस्ताक अहमद, विश्वजीत ओगरे, गुलशन दास और एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बड़ी बेरहमी से अक्षय गर्ग पर 8 से 10 बार प्राणघातक हमला किया था। विश्वजीत ओगरे ने कुल्हाड़ी से वार किया जबकि मुस्ताक अहमद ने चाकू से हमला किया। गिरफ्तार आरोपियों में से एक नाबालिग है। पुलिस के अनुसार राजनीतिक रंजिश, क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा इस हत्या का प्रमुख कारण सामने आया है। मृतक अक्षय गर्ग और मुस्ताक अहमद के बीच पहले भी विवाद और हाथापाई हो चुकी थी। यही कारण है कि मुख्य आरोपी ने भाजपा नेता की हत्या करने साजिश रचा। आरोपियों ने बीते एक सप्ताह के अंदर दो बार हत्या की कोशिश कर चुके थे। लेकिन योजना सफल नहीं हो पाई थी।
कटघोरा के कारखाना मोहल्ला निवासी अक्षय गर्ग (49 वर्ष), पिता राधेश्याम गर्ग, जनपद सदस्य और भाजपा के सक्रिय नेता थे। वे पूर्व में जनपद उपाध्यक्ष भी रह चुके थे और ठेकेदारी का कार्य करते थे। सोमवार सुबह वे अपनी इनोवा कार से कटघोरा से लगभग 25 किलोमीटर दूर ग्राम केसलपुर गए थे, जहां उनका प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। निरीक्षण के लिए सुबह करीब 10 बजे वे साइट पर पहुंचे और वाहन से उतरे पीछे से एक सफेद कार में सवार चार हमलावर पहुंचे। इनमें से दो आरोपी कुल्हाड़ी और चाकू लेकर उतरे और अक्षय गर्ग पर ताबड़तोड़ हमला कर मौके से फरार हो गए।
हमले के दौरान अक्षय गर्ग ने खुद को बचाने की कोशिश की, जिसमें उनके हाथ की एक उंगली कटकर अलग हो गई। यह पूरी घटना वहां मौजूद मजदूरों के सामने हुई, लेकिन हमलावरों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार में सवार होकर भाग निकले। मजदूरों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी और अक्षय गर्ग को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

Author Profile

नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *