शिवरीनारायण में सड़क की दुर्दशा, शबरी सेतु में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की उठी मांग

शिवरीनारायण। छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धार्मिक नगरी तथा श्री राम वन गमन पर्यटन परिपथ के मुख्य केंद्र बिंदु माता शबरी जन्मभूमि शिवरीनारायण में छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा महानदी पर निर्मित शबरी सेतु इन दोनों राहगीरों, छोटी- बड़ी-भारी न अन्य वाहनों के लिए मुसीबतों का सबब बन रहा है आए दिन शबरी सेतु से गिधौरी बस स्टैंड सड़क मार्ग में अनेक छोटी- बड़ी दुर्घटनाएं घट रही है। शबरी सेतु की खस्ता हालत तथा फूल के आखिरी छोर गिधौरी के बेरियर नाका से गिधौरी बस स्टैंड चौक तक की मार्ग छोटे-बड़े तालाब पोखरों में बदल गया है जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिसमें राहगीर छोटे-बड़े वाहन चालक व सवारिओं की जाने सांसत में आ गई है। गड्ढे में वाहनें फंस रही है वाहनों और यात्री- राहगीरों को आने-जाने में भी काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। इस कीचड़ में मार्ग व गड्ढों के कारण फिसलन से विशेष कर दोपहिया वह छोटी वाहन सवारी जान जोखिम डालकर अपना सफर कर रहे हैं।
इस मार्ग और शबरी सेतु पर काफी सावधानियों के साथ वाहन चालकों को वहां चलनी पड़ रही है थोड़ी सी चुप अथवा थोड़ी सी तेज गति गाड़ी चलाने से फिसलन से लोग लगातार गिर रहे हैं और अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।इस तरह गिधौरी बस स्टैंड से शबरी सेतु के गिधौरी छोर तक पानी से भरे तालाब व पोखरमय गड्डों तथा कीचड़ पानी से युक्त सबरी सेतु में फिसलम से विशेष कर दो पहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शबरी सेतु से अनेक जिलों जैसे राजनांदगांव,दुर्ग, रायपुर,बलौदा बाजार- भाटापारा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़,कोरबा, जांजगीर-चांपा,बिलासपुर, मुंगेली आदि तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश से उड़ीसा, झारखंड, बिहार , पश्चिम बंगाल आदि से शबरी सेतु और इस मार्ग पर दिन-रात भारी वाहनों के चलने से यह मार्ग काफी जर्जर और शबरी सेतु भी की स्थिति भी काफी दयनीय हो गई है भारी वाहनों के चलने से यहां लगातार दबाव बढ़ रहा है। समय-समय पर यहां यहां पर शबरी सेतु व इस मार्ग में वाहन फंस जाने पर मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं और घंटों तक वाहनों की लंबी कतारों से लोगों व दुपहिया वाहन चालकों को आने-जाने में भी काफी असुविधा सामना करना पड़ता है। इसे दृष्टिगत रखते हुए क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने छत्तीसगढ़ शासन से इस मार्ग पर विशेष कर शबरी सेतु में भारी वाहनों (क्षमता से अधिक भार वाहनों) पर यथा शीघ्र प्रतिबंध लगाने की मांग की है। शबरी सेतु के दोनों छोर पर भारी वाहन प्रवेश पर प्रतिबंध की सूचना बोर्ड यथाशीघ्र लगाया जाना चाहिए। ताकि लोगों तथा अन्य वाहनों को आने जाने में सुगमता हो ताकि कोई ताकि कोई अपनी दुर्घटना ना हो।साथ ही शबरी सेतु सहित इस मार्ग का रखरखाव व मजबूतीकरण छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धार्मिक माघ-पूर्णिमा मेला शिवरीनारायण के प्रारंभ होने के पूर्व कराया जाए और भारी वाहनों का आवा-जाही पूर्णरूप से प्रतिबंधित करने की अपेक्षा शासन से क्षेत्र वासियों ने की है। इस गंभीर जन समस्या को देखते हुए कसडोल विधानसभा क्षेत्र,बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र और पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र सहित जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र के विधायकगण आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं।

00 श्रद्धालु पर्यटक की संख्या में इजाफा

छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण धार्मिक ऐतिहासिक नगरी शिवरीनारायण के आसपास अनेक पौराणिक स्थल होने से इस क्षेत्र का महत्व काफी बढ़ गया है जैसे प्रभु श्री राम की माता कौसल्या की जन्म भूमि कोसला धाम, श्री भगवान राम जी के अनुज लक्ष्मण जी की तपोभूमि लक्ष्मणेश्वर-नगरी खरौद धाम , ऐतिहासिक मारुति धाम देवरघटा-मेहंदी, प्रभु श्री राम-सीता के जुड़वे पुत्र लव-कुश की जन्म भूमि तुरतुरिया धाम, कौशलेश्वरी मंदिर कोशिर(सरसींवा),मानवता के प्रतिमूर्ति महान संत बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरोधपुरी धाम, छत्तीसगढ़ के प्रथम अमर शहीद स्वातंत्र्य वीर नारायण सिंह की जन्मस्थली सोनाखान जैसे अनेक पावन स्थल है।जहां प्रतिदिन श्रद्धालु पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। इन स्थलों में शासन प्रशासन के वीआईपी समय-समय पर आते ही रहते हैं इसके बावजूद भी शबरी सेतु व इस मार्ग की दयनीय स्थिति पर शासन-प्रशासन का ध्यान नहीं है फल स्वरुप यहां आने वाले सैलानियों, यात्रियों और श्रद्धालुओं को भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसे दृष्टिगत रखते हुए शबरी सेतू व इन सड़कों की अवश्य कर रखरखाव व मजबूतीकरण किया जाए और शबरी सेतु पर भारी वाहनों का प्रवेश शीघ्र प्रतिबंधित किया जाए। शिवरीनारायण के चर्चित चौपाटी से शबरी बीच व अमेजॉन तक की नौका विहार हेतु प्रसिद्ध व्यक्ति₹100 लिया जा रहा है और शबरी बीच पर अन्य व्यवस्था हेतु ₹10 अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। जिसकी यहां एक समिति है ,जो लगभग 40 नौकाएं संचालित करती है।जहां आसपास सहित दूर-दूर से सैलानीगण आकर दिनभर प्राकृतिक छटा का भरपूर आनंद उठाते हैं और नौका विहार का लुफ्त उठाते हैं। यहां छत्तीसगढ़ के साथ ही उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश पंजाब, दिल्ली राजस्थान हरियाणा, झारखंड, आदि प्रदेशों की सैलानियों यहां आते ही रहते हैं। जो शबरी के राम भगवान नर-नारायण का दर्शन पूजन अर्चन कर आसपास के धार्मिक स्थलों में भी दर्शनार्थ वह आशीर्वाद हेतु जाते हैं और तत्पश्चात यहां नौका विहार का भरपूर आनंद लेते हैं।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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