शिवरीनारायणवासियों जहां भी सरकारी जमीन मिले जल्दी कर लो कब्जा, तान लो दुकान और मकान, जब सबका टूटेगा तो तुम्हारा भी टूट जाएगा

शिवरीनारायण। छत्तीसगढ़ की टेम्पल सिटी शिवरीनारायण प्रदेश का एक महत्वपूर्ण धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, आध्यात्मिक धरा है जहां रामायण कालीन माता शबरी का जन्म भूमि आदिवासी तीर्थ है जहां वर्तमान में नगर के चौमुखी विकास के लिए शासकीय भूमि का अभाव है, वही मठ मंदिर ट्रस्ट की भूमि का उपयोग जनहित कार्य में अपेक्षित है। इस महत्वपूर्ण व्यावसायिक नगरी में शासकीय सेवा भूमियों पर अंधाधुंध बेजाकब्जा किए जाने से शिवरीनारायण के विकास पर ग्रहण लगा हुआ है। शासकीय भूमियों पर रातों-रात बेजा कब्जा कर ऊंचे दामों पर बेचने का सिलसिला कई दशकों से यहां चल रहा है।वहीं
अतिक्रमणकारियों पर कठोर कार्यवाही नहीं होने से बेजाकब्जा करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
बेजा कब्जा करने वालों के खिलाफ अभी तक शासन-प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किया गया है।जिससे बेजाकब्जा धारियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अभी नगर में शासकीय जमीनों पर बेजाकब्जा करने का व्यापार फल-फूल रहा है बड़ी-बड़ी आलीशान दुकानें और शॉपिंग मॉल और भव्य इमारतें भी शासकीय भूमियों पर बने हैं और बन रहे हैं। गरीब, मध्यम वर्ग से लेकर पूंजीपति व और प्रभावशाली व्यक्ति बेजाकब्जा कर रहे हैं यहां तक शासकीय सेवक सहित पत्रकार, वकील , व्यापारी,समाजसेवी वर्ग के लोक भी बेजा कब्जा करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। गौरतलब है कि नगर में सेवा भूमियों और सरकारी भूमियों पर अतिक्रमण करने की वजह से यहां विकास कार्यों के लिए जगह जगह की कमी है। इसलिए शासन के महत्वपूर्ण कार्यालय यहां से 3 किलोमीटर दूर ग्राम तुस्मा की ओर रुख करने के लिए विवश हो रहे हैं।
अतिक्रमणकारियों ने नगर के बेशकीमती जमीनों पर आलीशान दुकान, मकान और बहु मंजिला इमारत खड़ी करके घर बना लिया है जिससे नगर का विकास बाधित हो रहा है। नगर के मवेशी बाजार, आम बाजार, पुराना शासकीय अस्पताल, बॉम्बे मार्केट, थाना के पीछे, रेस्ट हाउस के पास, पानी टंकी पुराना तहसील कार्यालय के पास, बस स्टैंड खरौद रोड के पास, नेहरू बालोद्यान के सामने बेशकीमती शासकीय जमीनों पर सैकड़ों मकान, दुकान घर बन चुका है और बनाया जा रहा है।
शासकीय भूमियों पर कब्जा करने वाले लोगों में स्थानीय भू-माफिया, नगर के स्वयंभू नेता व आस-पास गांवों से आए हुए लोग और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। सरकारी कार्यालय व नगर विकास कार्यों के लिए नगर में शासकीय भूमियों की अति आवश्यकता है। इन बेजा कब्जा ने शहर की सूरत को बदल कर रख दिया है। जिसे नए सिरे से बेजा कब्जा को हटाने की दिशा में नगर पंचायत,राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को मिलकर कार्य करना होगा।
बेजा कब्जा के कारण महानदी शबरी सेतु पुल से मेला ग्राउंड स्थल तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य रुका हुआ है वही ठाकुर देव चौक (केला चौंक) से सेठी नगर होते हुए बस स्टैंड तक सार्वजनिक पहुंच मार्ग ही पिछले दो-तीन वर्षों से बेजाकब्ज के चलते पूर्ण रूप से बंद है।मुख्य सड़क पर वाहनों के बढ़ते दबाव से महानदी के किनारे एप्रोच रोड बनाने की मांग नागरिकों के द्वारा किया जा रहा है। महानदी के घाटों के किनारे सड़क चौड़ीकरण करने से मुख्य सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और पर्यटन के लिए भी यह काफी उपयोगी सिद्ध होगा। यहां पर सड़क सकरी और छोटी होने से लोगों व यात्रियों को आने जाने में परेशानियां का सामना करना पड़ता है। माघ पूर्णिमा मेला में महानदी के किनारे ही सबसे ज्यादा भीड़ होती है और सड़क चौड़ीकरण के नहीं होने से इस मार्ग पर भी जाम लगा रहा है।
शिवरीनारायण में बेजा कब्जा धारियो ने शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा कर लिया है जिससे इस धार्मिक नगरी में शासकीय कार्यालयों की स्थापना नहीं हो पा रही है। इसके लिए राजस्व विभाग और नगर पंचायत को शासकीय भूमि उपलब्ध कराने के लिए कारगार कदम उठाने चाहिए और शिक्षा और सरकारी सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकारी कार्यालय खोलने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।
नगर के नागरिक महानदी के किनारे हुए हो रहे अतिक्रमण तथा नगर के विभिन्न स्थानों से बेजा कब्जा को हटाकर शिवरीनारायण को अतिक्रमण मुक्त कराकर और विकसित, समृद्ध शिवरीनारायण बनाने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत की ओर आशा भरी नजर से देख रही है।नागरिकों की मूलभूत सुविधाएं एवं नगर में व्याप्त समस्याओं का निराकरण करने के लिए ” नगर पंचायत आपके द्वार- आपकी समस्या-हमारी जिम्मेदारी अभियान कार्यक्रम ” चला रही है अब देखना है। कि ट्रिपल इंजन की यह सरकार नगर के पुरातन मवेशी बाजार, आम बाजार, रेस्ट हाउस के आस पास, नेहरू बालोद्यान, बस स्टैंड, महानदी के किनारे , बॉम्बे मार्केट तथा नगर की सर्वत्र अतिक्रमित सरकारी भूमियां अतिक्रमण से मुक्त कर पाएगी अथवा अतिक्रमण को प्रोत्साहित कर अतिक्रमकों के समक्ष अंदर खाने दब जाएगी। यह आने वाला समय तय करेगा।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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