दुर्ग के बाद बलरामपुर में मिला अफ़ीम की खेती, नदी किनारे कर रहे थे 5 एकड़ से ज्यादा जमीन में खेती

बलरामपुर। दुर्ग में अफीम की खेती के बाद अब बलरामपुर जिले में अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। मंगलवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 एकड़ के खेत में अफीम की फसल को बरामद किया है। कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी के सरनाटोली गांव से दूर जंगल किनारे अफीम की खेती की गई थी।
अफीम पूरी तरह से तैयार थी और डोडा में चीरा भी लगाया गया था। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अफीम के डोडों से अफीम निकाली जा रहा थी। पुलिस ने पूरे एरिया को सील कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों से मिली सूचना पर कुसमी SDOP सहित प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। जहां अफीम जब्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। खेत किसका है, किसने अफीम की खेती की है इसकी जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बाहरी लोग लीज में खेत लेकर खेती कर रहे थे। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस खेती में किस नेता का हाथ है यह भी पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन की टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खेत को किसने लीज में लिया था। मौके से पुलिस टीम ने बड़ी मात्रा में सूखे डोडे बरामद किया है, जिसमें खसखस भरे हुए हैं।
अफ़ीम की खेती के लिए शिवनाथ नदी के किनारे के खेतों का चयन सोच-समझकर किया गया है। यहां की रेतीली मिट्टी और ठंडा वातावरण अफीम की खेती के लिए अनुकूल माना जाता है। गांव से दूर होने के कारण इस स्थान पर लोगों की आवाजाही भी कम रहती है, जिससे खेती को छिपाकर करना आसान हो जाता है। जांच के दौरान खेत में अफीम के पौधे विभिन्न अवस्थाओं में मिले। मौके में पहुंचे अधिकारियों और ग्रामीणों के अनुसार कुछ पौधे जर्मिनेशन स्टेज में तीन-चार इंच ऊंचाई के थे, जबकि कुछ वेजिटेटिव, पिलरिंग, फूटिंग और हार्वेस्टिंग स्टेज में पाए गए। विशेषज्ञों के अनुसार यह तरीका इसीलिए अपनाया गया था, ताकि अलग-अलग समय पर फसल तैयार हो और लगातार कई महीनों तक उत्पादन मिलता रहे।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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