उप मुख्यमंत्री भड़के, कहा – टिम बढ़ाकर एहसान नहीं करोगे…, वर्किंग प्लान बनाने का कोई मतलब है ?

कांकेर। उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के मंत्री अरुण साव सड़क निर्माण की धीमी गति पर जमकर भड़के, उन्होंने विभाग के अधिकारियों से दो टूक कहा कि जब वर्किंग प्लान के अनुसार काम नहीं हो रहा है तो प्लान बनाने का क्या मतलब है ? उन्होंने अधिकारियों से यह भी कह दिया कि वर्किंग टिम बढ़ाकर हमारे ऊपर अहसान नहीं करोगे ?

छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे हो गए है। सरकार के पास काम कराने के लिए अब मात्र डेढ़ साल और बचे है। क्योंकि अंतिम साल तो चुनावी साल होता है। नेता और मंत्री जनसंपर्क और आमसभा करने में व्यस्त हो जाएंगे। यही कारण है कि मंत्रियों की धड़कन बढ़ने लगी है। लगातार वे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर रहे है। निर्माण कार्यों की धीमी गति देखकर उनकी बेचैनी बढ़ रही है। उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग के मंत्री अरुण साव की बेचैनी भी बढ़ गई है। इन दिनों वो कांकेर के दौरे में है। जहां वे अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे है साथ ही निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी कर रहे है। शनिवार को वो कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर सड़क निर्माण का निरीक्षण किया। सड़क निर्माण की धीमी गति देखकर उनका BP बढ़ गया और विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों से पूछा.. कब करोगे काम ? बरसात में करोगे क्या ? तो अधिकारियों ने कहा कि कव्हर कर लेगे सर…। इस पर श्री साव ने कहा जब वर्किंग सीजन में काम नहीं करा पा रहे हो तो बरसात में कैसे काम करोगे मुझे समझाओ ? रोड की हालत देखी है ? जरूरत के हिसाब से वर्किंग टिम नहीं लगा पा रहे हो तो कहां से प्रोग्रेस आएगा ? तो PWD के EE ने कहा जल्दी टिम बढ़ाएंगे सर। इस पर मंत्री ने कहा कब बढ़ाओगे ? और टिम बढ़ा के के हमारे ऊपर अहसान नहीं करोगे….।  यदि कार्य वर्किंग प्लान के अनुसार काम नहीं कराना है, तो वर्किंग प्लान बनाने का क्या मतलब है ? उन्होंने कहा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा में काम करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। इन दोनों पहलुओं पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने ठेकेदारों और अधिकारियों को काम में तेजी लाने अतिरिक्त मानवबल व मशीनरी लगाने और गुणवत्ता से कोई भी समझौता किए बिना तय समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए है। बता दे कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर सड़क की लगात लगभग 40 करोड़ 23 लाख रुपए है और 16 किलोमीटर लंबी सड़क टू-लेन बन रहा है। निरीक्षण के दौरान कांकेर विधायक आशाराम नेताम भी उप मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे और विभिन्न परियोजनाओं के निरीक्षण में शामिल हुए।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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