रायपुर। छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति (कार्यपालिक) अधिकारी-कर्मचारी संघ ने खाद्य अधिकारियों और निरीक्षकों को कोरोना वारियर्स घोषित करने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की हैं। संघ ने अधिकारी-कर्मचारियों को 50 लाख रुपये का बीमा कवर व मौत पर आश्रित के परिवार को 50 लाख रुपये दिए जाने की भी मांग की है।
छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति (कार्यपालिक) अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रमेश गुलाटी और कार्यवाहक अध्यक्ष संजय दुबे ने खाद्य विभाग के द्वारा पिछले साल मार्च से आज तक लॉकडाउन की अवधि में सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत प्रदेश के 96 लाख परिवारों को राशन सामग्री उपलब्ध कराने का चुनौतीपूर्ण कार्य करने के लिए भीड़ में जा रही है। इसके अलावा पेट्रोल – डीजल, घरेलू गैस, केरोसिन की आपूर्ति को सामान्य बनाये रखने के लिए ऐसे स्थानों पर उपस्थित है। लॉकडाउन अवधि में मूल्य नियंत्रण और जीवन उपयोगी वस्तुएं जिसमें सब्जी, फल की उपलब्धता बनाये रखने के लिए बाजार में उपस्थिति देते हैं। इस कारण विभाग के अधिकारियों, निरीक्षकों को संक्रमित होने का सतत खतरा बना रहता है। खाद्य विभाग के एक सहायक खाद्य अधिकारी शाहनवाज़ खान की ऐसे ही दायित्व निर्वाह में असामयिक मृत्यु हो गई है,जबकि 15 से अधिक अधिकारी-निरीक्षक संक्रमित हो गए हैं।
ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन/ खाद्य सचिव कमलप्रीत एवं संचालक खाद्य अभिनव अग्रवाल को ज्ञापन भेजकर स्वास्थ्य कर्मी एवं पुलिस कर्मी जैसे लोकसेवकों के समान ही खाद्य विभाग के अधिकारियों, निरीक्षकों को कोरोना वारियर्स घोषित करने की मांग की है। साथ ही 50 लाख का बीमा कवर और कार्य के दौरान संक्रमित होने के बाद मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये के एक्सग्रेसिया दिया जाए।
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