राहुल के दूत ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा – शिक्षा मंत्री को तत्काल हटाया जाए, कितने युवाओ की मौत चाहती है सरकार ?

बिलासपुर। राहुल गांधी के दूत और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का कहना है कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों से निराश होकर 21 से अधिक युवक आत्महत्या कर चुके हैं। इधर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अफ़सोस जताने के लिए सामने तक नहीं आ रहे है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें हटा भी नहीं रहे है। आखिर और कितने युवाओं की मौत चाहती है सरकार। कांग्रेस चाहती है कि शिक्षा मंत्री को तत्काल हटाया जाए।

बिलासपुर में प्रतापगढ़ी ने एक प्रेसवार्ता में बताया कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों को लेकर कांग्रेस ‘छात्रों की गूंज’ के नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान चला रहा है। इसमें 40 दिनों तक देशभर के 28 प्रमुख शहरों में कई चरणों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, कोचिंग संस्थानों से जुड़े युवा और शिक्षा क्षेत्र के लोगों से संवाद किया जा न रहा है। बिलासपुर इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है और वे उनका दूत बनकर आए है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर ही यह अभियान शुरू किया गया है, ताकि युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार रोजगार, भर्ती और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मूल सवालों से लगातार बच रही है। पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक हो चुके।देशभर के 6.5 करोड़ से अधिक युवा इससे प्रभावित हुए है। पेपर लीक से 21 से अधिक युवा आत्महत्या कर चुके है। अभी तक नीट के मामले में जो कार्रवाई हुई है वह छोटे लोगों पर हुई है। छोटी मछली पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा बल्कि मगरमच्छ को पकड़ना होगा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। वे अपना पद नहीं छोड़ रहे है तो प्रधानंत्री को उन्हें तत्काल हटाना चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार पेपर लीक पर प्रभावी कानून, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करती तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। कांग्रेस ने युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर देशव्यापी संवाद तेज करने का ऐलान किया।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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