चौकीदार की हत्या कर संप्रेक्षण गृह से भागे चार बच्चे, पहले बंधक बनाया, मुंह में कपड़ा ठूंसा फिर पीट – पीटकर मार दिया

बिलासपुर। शहर के शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार की हत्या कर चार बच्चे फरार हो गए है। चारों नाबालिग बच्चे हत्या, मारपीट, लुट और छेड़खानी के आरोप में सजा काट रहे थे। बताया जा रहा है कि आरोपी बच्चों ने चौकीदार को पहले बंधक बनाया, मुँह में कपड़ा ठूंसा और पीट पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना सरकंडा थाना क्षेत्र के नूतन चौक स्थित शासकीय बाल सुधार गृह की है। तखतपुर क्षेत्र अरईबंद निवासी नरेंद्र खांडे बाल सुधार गृह में चौकीदार के पद पर तैनात थे। बीती रात वह नाइट ड्यूटी पर थे। इसी दौरान चार बच्चों ने बंधक बनाकर उसकी हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि नाबालिगों ने पहले चौकीदार नरेंद्र खांडे के हाथ-पैर को बांधा और मुंह में कपड़े से ठूंस दिए। इसके बाद उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद चारों नाबालिग बच्चे संप्रेक्षण गृह से फरार हो गए है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तीन आरोपी बच्चे रायगढ़ और एक नाबालिग बच्चा कोरबा जिले के रहने वाले है। हत्या, मारपीट और छेड़खानी जैसे गंभीर मामलों में वे बाल संप्रेक्षण गृह में बंद थे।
चौकीदार के परिजनों ने बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का आरोप है कि चार महीने पहले नरेंद्र को कमिश्नर कार्यालय से अटैच किया गया था, लेकिन उन्हें वहां से कार्यमुक्त नहीं किया गया। उधर बाल संप्रेक्षण गृह में हुई इस सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम साक्ष्य जुटा रही है। साथ ही बाल सुधार गृह के अन्य कर्मचारियों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है। फरार नाबालिगों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं।
बाल सुधार गृह में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर नाबालिगों के सुधार और पुनर्वास की जिम्मेदारी है, वहीं एक कर्मचारी की हत्या कर चार नाबालिगों का फरार हो जाना पूरे सिस्टम की बड़ी चूक माना जा रहा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आरोपी नाबालिग कब तक गिरफ्तार होते हैं और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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