आधीरात शादीशुदा प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी, भाई ने पकड़ लिया…, फिर बाड़ी में मिला शव, 2 महीने बाद पकड़ाए आरोपी

जांजगीर-चांपा। दो महीने पहले हुए युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आधी रात प्रेमी अपनी शादीशुदा प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान उसके भाई ने दोनों को पकड़ लिया। फिर प्रेमिका के भाई ने फावड़ा मारकर युवक की हत्या कर दी। मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों बजरंग सिंह क्षत्रिय, पप्पू सिंह क्षत्रिय और संतोषी सिंह क्षत्रिय को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार मृतक अमित भंडारी का गांव की ही संतोषी सिंह से प्रेम प्रसंग था। शादी के बाद भी दोनों के बीच मेल मुलाकात और बातचीत हो रही थी। घटना वाली रात 27 जून को भी दोनों के बीच करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद करीब 2:30 बजे अमित संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म कर घर लौटा। घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा और अपनी बहन के साथ अमित को देखकर गुस्से से आग बबूला हो गया और दोनों के बीच विवाद होने लगी। दोनों के बीच मारपीट भी हुई। इसी दौरान अमित का सिर पीछे की दीवार से टकरा गया और सिर से खून निकलने लगा। इसके बाद अमित भंडारी दीवार फांदकर भागने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान बजरंग सिंह ने पास पड़े फावड़े/रापा से अमित के सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौत हो गई।
हत्या के बाद बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी के झुरमुट में छिपा दिया। पुलिस के अनुसार उसी रात गांव में चोरी की सूचना के कारण डायल-112 की टीम भी मौजूद थी और बड़ी संख्या में लोगों के जागे होने की वजह से आरोपी शव को तत्काल दूसरी जगह नहीं ले जा सके।
पुलिस के अनुसार संतोषी ने पूरी घटना देखी और शव छिपाने में बजरंग की मदद भी की। अगले दिन बजरंग के बड़े भाई पप्पू सिंह के गांव लौटने पर उसे घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद 28 जून की रात करीब 12 बजे दोनों ने मिलकर अमित के शव को गांव के एक दूसरे स्थान पर लेजाकर रख दिया। अगले दिन 29 जून को शव बरामद होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों के मोबाइल की लोकेशन, सीडीआर, आईपीडीआर, जीपीएस और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान संदिग्धों के बयानों में लगातार बदलाव सामने आया। जांच में बिलासपुर से आई प्रशिक्षित ट्रैकर डॉग विमला की मदद भी ली गई। तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और अन्य परीक्षणों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों से दोबारा पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में तीनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल छोटा फावड़ा/रापा और शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी बरामद की है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि बजरंग सिंह का पुलिस रिमांड लिया गया है। पुलिस के अनुसार बजरंग से आगे फॉरेंसिक जांच और आधुनिक तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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