बिलासपुर। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक ने आरोप लगाया है कि भाजपा और उसकी सरकार किसान हितैषी होने का ढोंग कर रही है। यदि वे किसानों के हितैसी है तो प्रदेश के सभी 10 सांसद, 14 विधायक दिल्ली जाकर मोदी सरकार को समझाए की छत्तीसगढ़ का चावल खरीदना कितना जरूरी है और इससे किसानों को कितना लाभ होगा। प्रदेश में जब भाजपा की सरकार थी तो किसानों को 21 सौ रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदने का वादा किया था लेकिन सत्ता में आते ही मुकर गए थे।धान का समर्थन मूल्य देने वाली कांग्रेसी भूपेश सरकार के खिलाफ भाजपा नेता सीधे-सीधे जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं भाजपा को किसानों और ग्रामीण मतदाताओं से अब कोई समर्थन इसलिए नहीं मिलेगा क्योंकि छत्तीसगढ़ के लोग भाजपा की किसान विरोधी गरीब विरोधी और मजदूर विरोधी चरित्र को अच्छी तरह समझ चुके हैं। उन्होंने कहा था कि स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशें लागू करेंगे किसानों को फसल की लागत पर डेढ़ गुना जोड़कर देंगे मगर ऐसा नहीं हुआ भाजपा ने वर्ष 2022 तक किसानों को आय दुगनी कर देने का भी वादा किया था इस पर भी अभी तक कुछ नहीं हुआ । 2100 रुपए समर्थन मूल्य और तीन तीन सो रुपए का बोनस देने का झूठा वादा भी भाजपा ने की थी भाजपा ने तो किसानों के साथ धोखाधड़ी की है।
श्री केशरवानी और नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के किसान हितेषी कार्यों से छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हो रहे हैं। किसानों के कर्ज माफी का लाभ 20 लाख किसान परिवारों को मिला। धान का समर्थन मूल्य एवं राजीव गांधी न्याय योजना के जरिए धान मक्का और गन्ना उत्पादक किसानों को प्रति एकड़ ₹10000 की प्रोत्साहन राशि मिलने से छत्तीसगढ़ खुशहाल हुआ है तो दूसरी तरफ भाजपा के राजनीतिक नौटंकी को किसानों ने अच्छी तरह समझ लिया है। यह वही भाजपा है जिसने 15 साल के शासनकाल में किसानों का न केवल शोषण किया बल्कि उन पर लाठियां बरसाई गई। किसानों के लिए बने जलाशय के पानी को उद्योगपतियों को बेचा गया, किसानों से सीधा धान खरीदने के बजाय सीमावर्ती राज्यों से तस्करी कर लाए गए धान की सरकारी खरीदी होती रही। रमन सरकार यदि किसानों को किए गए वादे को पूरा करते तो छत्तीसगढ़ के 20 लाख किसान कर्ज से दबे हुए नहीं होते। धान और चावल घोटाला भाजपा सरकार की देन है किसानों के अन्न का अपमान तो भाजपा करती थी
कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा एफसीआई से चावल जमा करने के अनुरोध पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को दिए जा रहे बोनस राशि को लेकर अडंगा लगाया जा रहा है और केंद्रीय खाद्य मंत्री द्वारा पूछताछ की जा रही है। जबकि राज्य सरकार ने साफ कर दिया था यह किसानों की सहायता राशि है ना कि धान का बोनस ।भाजपा के सह प्रभारी नितिन भी गलत बयान बाजी कर रहे हैं राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से चावल जमा करने की तारीख बढ़ाने की मांग की है। भाजपा प्रभारी यदि छत्तीसगढ़ के किसानों का भला चाहती हैं और आर्थिक रूप से उन्हें सक्षम बनाने की विचार रखती हैं तो भाजपा के 9 सांसदों दो राज्यसभा सदस्य और भाजपा के 14 विधायकों को लेकर दिल्ली जाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छत्तीसगढ़ के किसानों से प्रति एकड़ 25 क्विंटल धान खरीदी के अनुपात में चावल लेने की अनुमति लेकर आऐं।
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