छत्तीसगढ़ में भाजपा के पास नही है युवा मोर्चा के लिए काबिल कार्यकर्ता, 29 जिलों में अटकी नियुक्ति

बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी के नेता युवा मोर्चा के लिए काबिल कार्यकर्ताओ की तलाश कर रहे है, लेकिन उन्हें नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है की प्रदेश के 29 जिलों में भाजयुमो की कार्यकारिणी गठित नही हो पा रही है।

दो साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी की स्थिति बेहद खराब हो गई है। हर मोर्चे में बेनकाब हो चुके पार्टी के नेता दमदारी के साथ विपक्ष की भूमिका भी नही निभा पा रहे है। सत्ता में रहते हुए पिछलग्गू और यश मेन कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने वाले नेताओं को अब तेज तर्रार और आक्रामक कार्यकर्तों की तलाश है। जो पार्टी के बड़े नेताओं के इशारे पर लाठी-डंडा खाने के लिए भी तैयार रहे। पार्टी के नेताओं को अब कांग्रेस की सरकार से टक्कर लेने के लिए आक्रामक युवाओ की फ़ौज चाहिए। यही कारण है कि पार्टी ने सबसे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा के पुनर्गठन की तैयारी में है। इसके लिए सबसे पहले युवा मोर्चा में नियुक्ति के लिए उम्र की सीमा घटाकर 35 कर दी गई है। लेकिन पिछलग्गू कार्यकर्ताओ को आगे बढ़ाने वाले नेताओं को अब ऐसे युवा नेता नही मिल रहे है जो अपने आक्रामक तेवर से प्रदेश में संगठन को खड़ा कर सके, अगले तीन सालों में सरकार के खिलाफ माहौल बना सके और जरूरत पड़ने पर पुलिस की लाठी-डंडा भी खा सके। पिछले महीनेभर से पार्टी के नेता सभी जिलों में युवा मोर्चा के गठन करने के लिए दौड़भाग कर रहे है। लेकिन उन्हें काबिल युवाओं की फ़ौज नही मिल पा रही है। किसी किसी जिले में दो-चार युवा मिल भी जा रहे है तो पूरी कार्यकारिणी नही बन पा रही है। क्योंकि भाजयुमो का गठन करने के लिए प्रत्येक जिले में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री समेत कई पदों के लिए कम से कम 40 युवाओं की टीम चाहिए। पार्टी सूत्रों की माने तो काबिल कार्यकर्ताओ की कमी के कारण प्रदेश के 29 जिलों में युवा मोर्चा की नियुक्ति अटकी हुई है। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी देश और दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है। छत्तीसगढ़ में ही पार्टी के लगभग 25 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता है। जिसमे भारतीय जनता पार्टी, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, किसान मोर्चा, ब्यापारी प्रकोष्ठ और झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ समेत दर्जनभर प्रकोष्ठ और अनुषांगिक संगठन के कार्यकर्ता शामिल है। इसके बाद भी काबिल कार्यकर्तों का न मिलना पार्टी नेताओं के लिए चिंता का शबब बना हुआ है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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