शिकायत 5 करोड़ के फर्जीवाड़े की, जांच में निकला 12 करोड़ की फर्जी खरीदी, सिविल सर्जन निलंबित

जशपुर। जशपुर के सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ एफ खाखा को निलंबित कर दिया गया है। जिला चिकित्सालय जशपुर में विगत दो वर्षों में क्रय नियमों को ताक पर रखकर 12 करोड़ रुपए की फर्जी खरीदी का मामला सामने आया है। जांच के दौरान सीएस, आरएमओ और स्टोर प्रभारी को दोषी पाया गया था। इस मामले में 5 करोड़ रुपए के गड़बड़ी की शिकायत की गई थी लेकिन हुई गड़बड़ी 12 करोड़ रुपए से ज्यादा का निकल आया।

चिकित्सालय में बीते दो साल के दौरान सर्जिकल इंस्टूमेंट, कपड़े, स्टेशनरी और अस्पताल के रख रखाव में सिविल सर्जन ने लगभग 12 करोड़ रुपए खर्च किए। लेकिन सामग्री क्रय करने के लिये न तो भंडार क्रय नियमो का पालन किया गया और ना ही निर्माण कार्यो के लिए इंजीनियर से वेल्युवेशन रिपोर्ट मांगी गई। यह मामला उस वक्त खुला जब स्वास्थ्य विभाग के लेखापाल संदीप दास ने आरएमओ डा अनुरंजन टोप्पो की ओर से प्रस्तुत किए गए बिल पर आपत्ति लगा दी। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों का मामला मीडिया से होते हुए जिला प्रशासन तक पहुचा। मामले के गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर महादेव कावरे ने जिला पंचायत के सीईओ के एस मंडावी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की। जांच समिति ने रिपोर्ट में गड़बड़ी की तमाम शिकायतों को सही पाते हुए सिविल सर्जन डा एफ खाखा के साथ आरएमओ, तीन लेखापाल और भंडार प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी। कलेक्टर महादेव कावरे ने रिपोर्ट को कार्रवाई के लिए शासन को भेजा था। कलेक्टर की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव ने सिविल सर्जन डा श्रीमति एफ खाखा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद जांच में दोषी पाए गए शेष कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक दो साल में जिला चिकित्सालय में 57 लाख 14897 रूपए के कपड़े खरीदे गए। शासन के भंडार क्रय नियमों के अनुसार कपड़ों की खरीदी हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ मर्यादित और छग ग्रामोद्योग विभाग को नोडल एजेंसी बनाया है। लेकिन कपड़ों की खरीदी चिकित्सालय के अधिकारीयों ने कुमुद टेक्सटाइल् और कुमुद वस्त्रालय गम्हरिया के नाम से किया गया। इसी प्रकार 65 लाख 87 हजार की मेडिकल सामग्री खरीदी, अस्पताल के विभिन्न मरम्मत कार्यो के लिए 4 लाख से अधिक का भुगतान बिना मूल्याकंन के ठेकेदार को कर दिया गया। इसके साथ ही टायर, स्टेशनरी, सर्जिकल सामग्री, विद्युत सामग्री का लाखों की खरीदी बिना निविदा के ही की गई है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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