रायपुर। प्रदेश की सरकार ने संग्रहण केंद्रों में सड़ रहे धान को उत्पाती हांथीयों को खिलाने के निर्णय लिया है। इसके लिए वन विभाग विपणन संघ से धान की खरीदी करेगा। सरकार का मानना है कि हाथियों को गांव के बाहर ही भोजन उपलब्ध करा दिया जाएगा तो वो गांव में उत्पात नहीं मचाएंगे।

छत्तीसगढ़ में सरकार ने जंगली हाथियों के उत्पात को रोकने के लिए नया प्लान बनाया है। राज्य सरकार हाथियों को खिलाने के लिए धान खरीदेगी। वन विभाग प्रभावित गांवों के बाहर धान का ढेर रखवाएगा। इससे भोजन की तलाश में निकले गजराज के दल को गांव के बाहर ही भरपेट भोजन मिल जाएगा और वे गांवों में घुसकर जान-माल का नुकसान नहीं करेंगे। यह खरीदी छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन महासंघ (Markfed) से की जानी है। प्रदेश के तकरीबन 11 जिले हाथियों के आतंक से प्रभावित हैं। वन विभाग के प्रस्ताव पर मार्कफेड ने 2095. 83 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से धान की कीमत लगाई है। यह खरीदी सीधे धान संग्रहण केंद्रों से की जानी है। मार्कफेड ने वन विभाग को कहा है, रायपुर जिले के संग्रहण केंद्र जौंदा, महासमुंद जिले के पिथौरा, बिलासपुर के मोपका और सेमरताल तथा सूरजपुर जिले के देवनगर व लोधिमा केंद्रों से धान उठाया जा सकता है। वर्ष 2019 में खरीदा गया 86 हजार मीट्रिक टन धान अभी भी संग्रहण केंद्रों में पड़ा हुआ है।
सरकार ने 2500 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर जितना धान खरीदा है, उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। केंद्र सरकार ने एफसीआई में उसका पूरा चावल लेने से इनकार कर दिया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जरूरत से कहीं ज्यादा धान बचा रह गया है। ऐसे में सरकार उसको खपाने का उपाय ढूंढ रही है। नई खरीदी के धान को कम दाम पर खुले बाजार में नीलाम किया जा रहा है। धान से एथेनाल बनाने का प्रस्ताव था, जो केंद्रीय अनुमति के बिना परवान चढ़ता नहीं दिख रहा है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरMay 23, 2026कबाड़ के अवैध कारोबार पर पुलिस का प्रहार, 40 गोदाम सील, 18 लोग हिरासत में
बिलासपुरMay 21, 2026बाप ने छोटे बेटे के साथ मिलकर बड़े बेटे की कर दी हत्या, कारण जानकर रह जाएंगे दंग, पढ़े पूरी खबर…
बिलासपुरMay 20, 2026रेज़ा, कुली, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, कारपेंटर या श्रमिक चाहिए तो छत्तीसगढ़ सरकार के ई-श्रम साथी ऐप को डाउनलोड कर ले, सूची देखिए और फोन करके बुला लीजिए….
शिवरीनारायणMay 20, 2026राजेश्री महन्त ने किया शास्त्रीय संगीत कार्यशाला 2026 का शुभारंभ, पांच दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षार्थी लेंगे गायन, वादन और नृत्य का प्रशिक्षण
