
बिलासपुर। रतनपुर से कोटा होते हुए लोरमी तक बनने वाली सड़क को ठेकेदार ने गुड़ गोबर कर दिया है। इस सड़क की लागत डेढ़ सौ करोड़ रुपए से ज्यादा है। ठेकेदार पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूढ़त का खास माना जाता है। घटिया निर्माण के अलावा सालों पीछे चल रहे इस सड़क के कारण रोज आने जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कोटा की जनता गुरुवार को चक्काजाम करने वाली है।

ठेकेदार और मंत्री की जुगलबंदी क्या गुल खिला सकती है ये देखना है तो रतनपुर से कोटा होते हुए लोरमी तक बनने वाली सड़क को देख आइये। इस सड़क को एडीबी बनवा रही है। रतनपुर से शुरू होने वाली 50 किलो मीटर की सड़क को बनाने का ठेका 2015 में जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राईवेट लिमिटेड कंपनी को मिला था। डेढ़ सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सड़क को दो साल के अंदर बन जाना था लेकिन पांच साल बाद भी नही बन पाया है। ठेकेदार ने सड़क के निर्माण में भी भारी भ्रष्टाचार किया है। घटिया निर्माण के कारण जिन स्थानों पर कांक्रीट का काम हुआ है वहां दरारें आ गई है, कई स्थानों पर पूरी सड़क उखड़ गई है। पिछले पांच साल से सड़क निर्माण के कारण गांव के लोग तो परेशान है ही समय पर नही बनने के कारण सरकार की किरकिरी हो रही है सो अलग। सड़क के घटिया निर्माण में एडीबी के जूनियर इंजीनियर से लेकर कार्यपालन यंत्री की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। क्योंकि आज तक विभाग के अधिकारी घटिया निर्माण को लेकर कोई करवाई नही की गई है। यहां तक कि ठेकेदार को नोटिस देने की औपचारिकता भी नही निभाई गई है। इसका नतीजा ये हो रहा है कि आम जनता की डेढ़ सौ करोड़ रुपए बर्बाद होने कगार पर है। इतना जरूर है कि इसके पैसे से अधिकारी, ठेकेदार और तत्कालीन मंत्री ने अपनी तिजोरी भर ली है। विभागीय सूत्रों की माने तो जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने 2015 में ये ठेका काफी जोड़तोड़ करके हथियाया था। अब घटिया निर्माण के कारण कोटा की जनता को चक्काजाम करना पड़ रहा है। अब देखना ये है कि गुरुवार को होने वाले चक्काजाम में प्रशासन ठेकेदार के साथ खड़ी होती है या भ्रस्ट ठेकेदार के साथ खड़ी होती है।

00 35 प्रतिशत अधिक में गया है ठेका
इस सड़क के ठेके में ही करोड़ो रूपये की लेन देन होने की बात सामने आ रही है। क्योंकि ठेकेदार को सड़क निर्माण का ठेका 35 प्रतिशत एबब में मिला है। एडोबी ने सड़क निर्माण के लिए 106 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला था। जब ठेका फाइनल हुआ तो लोग भी दंग रह गए क्योंकि ठेका 35 प्रतिशत अधिक में गया था। अब 106 करोड़ रुपए में 35 प्रतिशत और जोड़ दें तो ठेका डेढ़ सौ करोड़ रुपए से भी ज्यादा होता है। इतना अधिक में किसी कंपनी को ठेका बिना ऊंची पहुंच के नही मिलती।
00 बनना है 14 पल और 92 पाइप पुलिया
एडीबी द्वारा बनवाए जा रहे इस सड़क को लंबाई 50 किलोमीटर है, जो रतनपुर से शुरू होकर कोटा होते हुए लोरमी की जोड़ेगी। इस सड़क से इन तीन शहरों के अलावा आसपास के 50 से अधिक गांव सीधे लाभान्वित होंगे। इस सड़क में ठेकेदार को 2 पुल, 12 छोटी पुलिया और 92 पाइप पुलियों का निर्माण किया जाना है।
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