जयरामनगर सरपंच के घर चोरी की घटना निकली फर्जी, पति-पत्नी ने बनाई झूठी कहानी, असली कहानी क्या है ? पढें खबर …

बिलासपुर। जयरामनगर सरपंच के घर चोरी का मामला फर्जी निकल गया है। कर्ज से परेशान होकर पति-पत्नी ने मिलकर चोरी की झूठी कहानी गढ़कर कर दिया थाने में रिपोर्ट। रिपोर्ट लिखाने के पहले दंपत्ति ने 161 ग्राम सोना बेचा और रिश्तेदार को दिया 19 लाख रुपए नगद।

मामले का विवरण यह है कि मस्तुरी के जयराम नगर में रहने वाले कमल अग्रवाल जो कि पेशे से व्यापारी है एवं इनकी पत्नी गिरिजा देवी जो कि जयराम नगर की सरपंच पद पर पदस्थ है। थाना मस्तुरी को सुबह 5 बजे टेलीफोन से सुचना दी कि 03-04 सितंबर की दरमियानी रात इनके निवास से नगदी और ज्वेलरी की चोरी की गई है। जिसकी सुचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा को दी गयी जो घटना की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित कुमार झा एवं csp चकरभाठा श्रीमती श्रृष्टि चंद्राकर के मार्ग दर्शन में चार विशेष टीम एवं साइबर टीम की अलग टीम का गठन किया गया। घटना के तुरंत बाद टीम के सारे सदस्य मौके पर पहुच गए। वरिष्ठ अधिकारियो के दिशा निर्देश में टीम द्वारा तत्काल से भौतिक एवं तकनिकी पहलुओ का अध्ययन प्रारंभ किया जाकर जांच शुरू की गयी। आस पास के 100 से अधिक संदिग्धों, आदतन बदमाशो, निगरानी आदि के एवं घर के सदस्यों काम गारो के मोबाईल रिकार्ड चेक किया गया। मामले में 50 से अधिक cctv फूटेज को खंगाला गया परन्तु अब तक पुलिस को ख़ास सुराग नहीं मिल पाया था। इसी दौरान पुलिस को सुचना मिली कि घटना के दिन ही प्रार्थी अपने रिश्तेदार को करीबन 19 लाख रूपये दिए थे जिसकी तस्दीक हेतु प्रार्थी एवं उसकी पत्नी से पूछताछ शुरू की गयी। प्रारम्भ में दोनों पुलिस को अलग अलग कहानी बता कर गुमराह करने की भरपूर कोशिश की परन्तु पुलिस द्वारा मनोवैज्ञानिक तरीक़े से पूछताछ करने पर धीरे धीरे वास्तविक कहानी सामने आई ।
प्रार्थी की पत्नी गिरिजा देवी एवं इसके नौकर सूरज द्वारा 02 दिन पूर्व ही 16 तोले सोने को जांजगीर में 6 लाख में बिक्री किया गया है जहाँ तस्दीक कराये जाने पर बिक्री के दस्तावेज एवं सोना बरामद किया गया। इसके पश्चात् घटना दिनांक के शाम को ही 19 लाख रूपये अपने रिश्तेदार को उधार चुकाने के उद्देश्य से देने की बात प्रार्थी द्वारा स्वीकार की गयी जिसे भी बरामद कर लिया गया है l सम्पूर्ण घटना के पीछे की वास्तविक वजह प्रार्थी का रिश्तेदारों एवं वयापार में लाखो की उधारी से देनदारो से बहुत परेशान होकर कृत्य को करने की बात प्रार्थी एवं उसकी पत्नी द्वारा स्वीकार की गयी इस प्रकार पारिवारिक अंतर्कलह एवं कर्जदारों से छुटकारा पाने के उद्देश्य से प्रार्थियो द्वारा झूठी कहानी गढ़ी गयी थी।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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