सरगांव। मकर संक्रांति उत्सव का हमारी सनातन संस्कृति में विशेष स्थान है। इस दिन स्नान, दान, पूजन, अर्चन विशेष फलदायी होती हैं उक्त बातें पीठ परिषद अध्यक्ष आचार्य झम्मन शास्त्री ने श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप मदकू में आयोजित मकर संक्रांति उत्सव एवं कन्या पूजन कार्यक्रम में कहीं। संत रामरूप दास महात्यागी महाराज के द्वारा मकर संक्रांति और कन्या पूजन के संबंध में अपने उद्बोधन में कहा कि प्राचीन सनातन परम्परा में नारी का मातृ शक्ति के रूप में एक सम्मान जनक स्थान रहा है।नवरात्रि के समय भी कन्या पूजन की परम्परा हमारे समाज में है।
किसी भी पुण्य संकल्प की पूर्णता पर कन्या पूजन करने पर ही वह संकल्प फलीभूत होती है। आज के आयोजन में संत रामरूप दास महात्यागी महाराज के द्वारा 501 कन्याओं का पूजन कर उन्हें दक्षिणा,कम्बल की भेंट की गई। कन्या पूजन पश्चात हुए भण्डारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कल सायं 6 बजे से रामायण पाठ के साथ हुआ। आज प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक आचार्य झम्मन शास्त्री जी, संत रामरूप दास महात्यागी महाराज के उद्बोधन पश्चात कन्या पूजन एवं भण्डारा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बालिका, बालक,महिला, पुरुष ने अपनी सहभागिता दी।आयोजन में संदीप पाण्डेय,
जीवन लाल कौशिक, मनीष मिश्रा, भगवती प्रसाद मिश्र, मनीष अग्रवाल, परस साहू,
भोलाशंकर अग्रवाल, संतोष पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में मदकू,ठेलकी,परसवानी, अकोली,बड़ियाडीह, देवाकर, बासीन सरगांव किरना लमती के ग्रामीणों की उपस्थिति रही।
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