टॉपर को छोड़ 10वें नंबर को दे दी नौकरी, अंधेरगर्दी का नमूना देख हाईकोर्ट भी चकराया, कलेक्टर को गलती सुधारने दिया अवसर

बिलासपुर। गौरेला पेंड्रा मरवाही में ई डिस्ट्रिक्ट मनेजर की भर्ती में गड़बड़ी के खिलाफ दायर याचिका पर हाई कोर्ट के जस्टिस पी.एस. कोशी की एकल बेंच ने गौरेला पेण्ड्रा मरवाही कलेक्टर को गलती सुधारने के निर्देश दिए है। यहां टॉपर को किनारे लगाकर 10वें नंबर पर आने वाले को सलेक्ट कर दिया गया है।

इस भर्ती में अभ्यर्थी रहे राकेश मिश्रा ने एडवोकेट सुश्री अनमोल शर्मा और एडवोकेट सुश्री समीक्षा गुप्ता के माध्यम से याचिका दायर किया है कि शासन प्रशासन ने अयोग्य व्यक्ति की गलत तरके से नियुक्ति की है। दरअसल इस भर्ती में अभिषेक त्रिपाठी की नियुक्ति की गई जो कि न ही छत्तीसगढ़ के निवासी हैं न ही इस पद के मापदंड की अर्हता रखते है फिर प्रावीण्यता सूची में दसवे स्थान पर रहे अभिषेक त्रिपाठी को उक्त पद पर चयनित कर लिया गया। इस पद की प्रावीण्यता सूची में राकेश मिश्रा के प्रथम स्थान प्राप्त करने के बावजूद दसवें स्थान के अभिषेक त्रिपाठी का चयन कर लिया गया। राकेश मिश्रा द्वारा विभिन्न माध्यमो से तथा स्वयं शिकायत पत्र द्वारा इन सब से अवगत कराया गया लेकिन कलेक्टर द्वारा तुम जैसे पढ़े लिखे कितनो घूम रहे हैं ऐसा कह कर वापस जाने को कह दिया गया तथा संयुक्त कलेक्टर द्वारा उनके RTI का संतोष जनक जवाब न देकर उल्टा राकेश पर कार्यवाही करने की धमकी दी गयी। इन सब से परेशान होकर राकेश मिश्रा ने एडवोकेट सुश्री अनमोल शर्मा और एडवोकेट सुश्री समीक्षा गुप्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय की शरण ली जिसके फलस्वरूप उच्च न्यायालय द्वारा राकेश मिश्रा द्वारा दिये गए आवेदन / शिकायत पर 45 दिन के अंदर विधि अनुसार अपनी गलतियों को सुधारते हुए निर्णय लेने का आदेश दिया।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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