बिलासपुर। नगर निगम के सभापति शेख नजीरुद्दीन ने करोङो के कचरा घोटाला का पर्दाफाश किया है। हैदराबाद की कम्पनी रामके के कर्मचारी ट्रक में कचरे की जगह मिट्टी लेकर जा रहा था। जिसे बीच रास्ते मे ही सभापति ने पकड़ लिया। कंपनी को कचरे का तौल करने के बाद भुगतान किया जाता। कंपनी वजन बढ़ाने के लिए कचरे के साथ मिट्टी डालकर कछार ले जा रही थी। कम्पनी को हर महीने 1 करोड़ 5 लाख रुपए का भुगतान किया जाता है।


बिलासपुर नगर निगम ने हैदराबाद बेस्ड रामके कंपनी को कचरा डंप करने का ठेका दिया है। इस कंपनी के द्वारा गाड़ियां चलाई जाती हैं। कायदे से कचरा लोड करने के बाद जब गाड़ी मंगला स्थित कछार पहुंचती है तो गाड़ी का वजन किया जाता है और उसी के आधार पर कम्पनी को भुगतान किया जाता है। कचरा धोने के एवज में कम्पनी को हर माह 1 करोड़ 5 लाख रुपए की राशि नगर निगम की ओर से रामके कंपनी को भुगतान किया जाता है। यह भुगतान पिछले 7 – 8 साल से किया जा रहा है। बुधवार नगर निगम के सभापति शेख नजीरुद्दीन ने एक कचरा गाड़ी को रंगेहाथों पकड़ लिया है। जिसमे कचरे की जगह मिट्टी भरकर ले जाया जा रहा था। कचरा नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी के देखरेख में अनलोड किया जाता है। निगम सभापति के इस खुलासे ने रामके कंपनी की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। निगम सूत्रों की माने तो इस स्तर पर गड़बड़ी जिम्मेदार अधिकारियों के मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। इस मामले में अभी तक किसी के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। इस मामले में निगम सभापति शेख नजीरुद्दीन का कहना है कि उनके पास कई दिनों से शिकायत मिल रही थी। कई बार पकड़ने का प्रयास किया लेकिन स्थान पर जाने से पहले ही कंपनी की गाड़ी निकल जाती थी। लेकिन आज गाड़ी पकड़ ही लिया। अब कम्पनी के खिलाफ करवाई की जाएगी।

00 महीनों से चल रहा खेल
लगभग 7 साल पहले शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के तहत घर-घर से कचरा उठाने का काम शुरू हुआ था। इस योजना के तहत हर घर मे सूखा और गीला कचरा रखने के लिए हरा और नीले रंग का डस्टबिन ढिया गया था। कचरा उठाने के लिए रामके कम्पनी को ठेका दिया गया था। योजना का शुभारंभ तब के नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने पूरे तामझाम के साथ किया था। कंपनी को ठेका भी भाजपा सरकार के समय दिया गया था। जानकारों की माने तो कंपनी कचरे की जगह मिट्टी या पत्थर पहले से ही मिल रहा है।
00 अनलोड करने के पहले किया जाता है तौल
कंपनी के कर्मचारी पहले हर घर कचरा उठता है। फिर उसे कछार में बने डंपिंग यार्ड में डंप करता है। यह कचरा अनलोड करने के पहले उसकी तौल की जाती है। इसके लिए डंपिंग यार्ड में धर्मकांटा लगा हुआ है। महीनेभर का रिकार्ड बनाया जाता है। नगर निगम में बिल देने के पहले नगर निगम के अधिकारी अनुपम तिवारी और खजांची कुम्हार बिल में चिड़िया बैठाते है इसके बाद कंपनी को भुगतान किया जाता है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरApril 3, 2026अब ड्रोन कैमरा से होगा OHE तार का निरीक्षण, सैकड़ों ट्रेन निरस्त फिर भी 12 प्रतिशत बढ़े यात्री
बिलासपुरApril 3, 2026मैरिज ब्यूरो बना ठगी का अड्डा, 4 गिरफ्तार, 10 कंप्यूटर, 70 मोबाइल और 20 हजार रुपये नगद जप्त
बिलासपुरApril 3, 2026धान खरीदी केन्द्र गतौरा में 29 लाख का गबन, प्रबंधक, सोसायटी अध्यक्ष और कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार
बिलासपुरApril 2, 2026घातक हथियार अड़ाकर लूट का प्रयास, 2 आरोपी गिरफ्तार, गांव वालों ने घेरा तो बाइक छोड़कर भाग गए
