कलेक्टर के आदेश का माखौल उड़ते देखना है तो शाम होते ही पहुंचे पुलिस ग्राउंड…कोरोना परोसने किया जा रहा है जगराता

बिलासपुर। गुरुवार शाम नवरात्रि के पहले ही दिन पुलिस मैदान में कलेक्टर के आदेश की धज्जियां उड़ने वाली है। जगराता आयोजन समिति के लोग पुलिस अधिकारियों के करीबी होने का फायदा उठाते हुए कलेक्टर के आदेश को ही दरकिनार करने पर उतारू है। विडम्बना तो ये है कि आला अधिकारी गेस्ट बनकर इस आयोजन में उपस्थित होने के लिए भी लालायित है।

कोरोना से बचाव के लिए अभी 15 दिन पहले ही कलेक्टर सारांश मित्तर ने गाइड लाई जारी किया था। इस गाइड लाइन में स्पष्ट है कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा कहीं भी 50 से से ज्यादा लोग एकत्रित नहीं होंगे। यहां तक दुर्गोत्सव समितियों के लिए भी गाइड लाइन जारी किया गया है। जिसके अनुसार दुर्गा पंडाल, मूर्ति से लेकर पंडाल में लोगों की उपस्थिति तक सुनिश्चित किया गया है। मंदिरों में भी लोगों की भीड़ को कम करने के लिए दर्शन प्रतिबंधित किया गया गया है। दुर्गा पंडालों में अधिकतम 50 लोगों की उपस्थिति का नियम बनाया गया है। इसके अलावा 200 वॉट से अधिक का साउंड सिस्टम प्रतिबंधित किया गया है। दूसरी ओर पुलिस मैदान में नवरात्रि के पहले ही दिन भब्य जगराता का आयोजन किया जा रहा है। जहां पर सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित होने वाले है। यहां पर 40 हजार वॉट का साउंड सिस्टम लगाया जा रहा है। इस साउंड सिस्टम को बकायदा नागपुर से मंगाया गया है। मतलब साफ है कि नवरात्रि के पहले ही कलेक्टर के आदेश का मखौल उड़ने वाला है। बताया जा रहा है कि आयोजन समिति के लोग शुरू से ही पुलिस अधिकारियों के बेहद करीबी है। शायद यही कारण है कि उन्हें कलेक्टर के आदेश की कोई परवाह नही है। लेकिन पुलिस अधिकारियों का करीबी होने का ये मतलब तो नहीं है कि आयोजन समिति के लोग कलेक्टर के आदेश की परवाह ही न करें।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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