बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित होने वाले द्वितीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य समारोह के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत के निर्देश पर आज चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित से मुलाकात की और उनको राज्य सरकार की ओर से इस समारोह के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान उन्हें प्रथम आदिवासी महोतस्व की झलकियां भी पेश की। विधायक शैलेश पांडे ने राज्यपाल से अनुरोध भी किया कि पंजाब और चंडीगढ़ में जो आदिवासी संस्कृति है उस संस्कृति के प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ के आदिवासी महोत्सव में शामिल करने के लिए भी निमंत्रण पेश किया।

राज्य सरकार की ओर से उनका साल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया, साथ ही साथ उनको छत्तीसगढ़ की पारंपरिक प्रतीक चिन्ह देकर भी सम्मान किया गया। राज्यपाल महोदय को छत्तीसगढ़ के 21 वें स्थापना दिवस 1 नवंबर के लिए भी आमंत्रण दिया गया। शैलेश पांडेय के साथ इस कार्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी हरिओम द्विवेदी डिप्टी कलेक्टर भी उनके साथ में थे। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ सरकार के किए गए कार्यों की सराहना की और आमंत्रण के लिए माननीय मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और प्रतिनिधि मंडल को भी धन्यवाद दिया। पंजाब के महामहिम राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने छत्तीसगढ़ में होने वाले राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के लिए शुभकामना संदेश भी दिया और अपने जीवन के बारे में विधायक शैलेश और डिप्टी कलेक्टर हरि ओम को जीवन दर्शन का ज्ञान भी दिया और पुरानी बातें साझा की। इसके अतिरिक्त महामहिम राज्यपाल ने एक अच्छा जनप्रतिनिधि को कैसे काम करना चाहिए यह बातें भी बताई। साथ साथ परिवार का भी ध्यान रखने को कहा। बड़ी ही आत्मीयता से राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ सरकार के इस आयोजन का स्वागत किया और शुभकामनाएं दी।

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