दुर्गा पंडाल की जूते-चप्पल और सेंडल से सजावट, BJP और VHP ने जताई कड़ी आपत्ति, कहा- बर्दास्त नहीं

कलकत्ता। दमदम पार्क भारत चक्र पूजा कमेटी ने पंडाल की ओर जाने वाले एक रास्ते पर जूतों से सजावट की है। आयोजकों का कहना है कि यह देश में किसान आंदोलन का प्रतीक है। दुर्गा प्रतिमा इससे बहुत दूर स्थापित की गई है और इसके आसपास धान का ढेर लगाया गया है। दुर्गा पूजा पंडाल में इस्तेमाल किए गए हैं जूते-चप्पल पर BJP ने आपत्ति जताई है।


कोलकाता के दमदम इलाके के एक दुर्गा पूजा पांडाल में कथित तौर पर जूतों से की गई सजावट को लेकर बीजेपी और VHP ने बवाल खड़ा कर दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्य सचिव से मामले में दखल देने व इसे हटवाने का आग्रह किया है। हालांकि आयोजकों ने पंडाल की सजावट को लेकर बीजेपी की आपत्ति को खारिज कर दिया है। बता दें कि दमदम पार्क में भारत चक्र क्लब द्वारा बनाए गए दुर्गा पूजा पंडाल को किसान आंदोलन की थीम पर सजाया गया है और इनकी सजावट के लिए जूते और चप्पलों से सजाए गए हैं।

किसान आंदोलन की थीम पर दुर्गा पूजा पंडाल बनाये जाने से इस पंडाल को काफी लोकप्रियता मिल रही है और अब पूजा पंडाल की सजावट में जूते-चप्पल के इस्तेमाल से विवाद भी खड़ा हो गया है। हालांकि आयोजक विवाद को दरकिनार कर अपना पक्ष रख रहे हैं। किसान आंदोलन की थीम पर बनाए गए इस पूजा पंडाल को लेकर एक अधिवक्ता ने भी कानूनी नोटिस दिया है।

00 मुख्य सचिव को लिखा पत्र

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ बीजेपी विधायक शुभेंदु अधिकारी ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे हिंदू आस्था का अपमान कहा है और राज्य के मुख्य और गृह सचिव से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर षष्ठी से पहले जूता चप्पल हटाने की मांग की है। उन्होंने पंडाल में सजाई गई जूता और चप्पल की तस्वीर शनिवार को ट्विटर पर डाली है। इसमें लिखा है, “दमदम पार्क में पूजा पंडाल को जूतों से सजाया गया है। ‘कलात्मक स्वतंत्रता’ के नाम पर मां दुर्गा का अपमान करने का यह जघन्य कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं मुख्य और गृह सचिव से आग्रह करता हूं कि वे हस्तक्षेप करें और आयोजकों को षष्ठी से पहले जूते हटाने के लिए विवश करें। मेघालय के पूर्व राज्यपाल व वरिष्ठ बीजेपी नेता तथागत रॉय ने पत्रकारों से कहा है कि कला की आजादी के नाम पर सब कुछ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यह देवी दुर्गा का गंभीर अपमान है और हमारी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।

00 किसान आंदोलन के प्रतीक हैं जूते

उधर दमदम पार्क पूजा पंडाल के आयोजकों ने बीजेपी नेता के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि पांडाल की ओर जाने एक रास्ते पर जूतों से सजावट की गई है, यह देश में किसान आंदोलन का प्रतीक है। दुर्गा प्रतिमा इससे बहुत दूर स्थापित की गई है और इसके आसपास धान का ढेर लगाया गया है। दमदम पार्क भारत चक्र पूजा कमेटी के एक पदाधिकारी ने सफाई देते हुए कहा कि जूतों से सजावट पांडाल से काफी दूर की गई है। किसान आंदोलन हमारी थीम है और पांडाल की ओर जाने वाले रास्ते पर इसे किया गया है। इसके जरिए आंदोलनकारी किसानों पर लाठीचार्ज को दर्शाया गया है। लाठीचार्ज के कारण किसानों को बदहवास होकर जूते चप्पल छोड़कर भागना पड़ा था। ऐसे दृश्य हाल ही में नजर आए थे।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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