अंबिकापुर। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के SNCU में 4 नवजात बच्चों की मौत हो गई है। बच्चों की मौत के बाद गुस्साए परिजन अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मामले की जानकारी लगते ही मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्री शिवकुमार डहरिया को तत्काल अम्बिकापुर के लिए रवाना कर दिया है। जबकि टीएस सिंहदेव भी दिल्ली से सीधे अम्बिकापुर के लिए उड़ चुके है।

जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह 3:30 बजे से लेकर 6:45 बजे तक मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमसीएच भवन स्थित एसएनसीयू में भर्ती 4 नवजात बच्चों की मौत हो गई है। चार घंटे के अंदर 4 नवजात बच्चों की मौत होने से परिजन आक्रोशित हो गए। परिजनों ने सुबह एमसीएच के सामने स्थित मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। करीब 2 घंटे से ज्यादा समय तक चक्काजाम रहा। परिजन स्वास्थ्य मंत्री को बुलाने की बात पर अड़े हुए थे। परिजन इलाज में लापरवाही का आराेप लगाया है।

चक्काजाम की सूचना पर सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल प्रसाद और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जेके रिलवानी अस्पताल पहुंचकर परिजनों को समझाइश दी। अस्पताल में व्यापक समस्याओं को जल्द से जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। हालांकि नवजात की मौत के मामले में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जेके रेलवनी का कहना है कि सभी बच्चे प्रीमेच्योर थे। बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए ही आईसीयू में भर्ती किया जाता है।
इधर नवजात शिशु की मौत की जानकारी लगते ही प्रभारी मंत्री शिवकुमार डहरिया ने जिला प्रशासन की आपात बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद प्रभारी मंत्री अंबिकापुर रवाना हो गए हैं। प्रभारी मंत्री डहरिया ने तत्काल कलेक्टर, एसपी, CMHO, मेडिकल डीन अधीक्षक, CEO, जिला पंचायत और अन्य जिला प्रशासन के अधिकारियों को आपात बैठक में बुलाया है।
वहींअंबिकापुर स्थित मेडिकल कॉलेज में नवजात बच्चों की खबर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव तक पहुंच गई है. सिंहदेव दिल्ली प्रवास के सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर 3:30 बजे दिल्ली से सीधे अंबिकापुर पहुंच रहे हैं. इस विषय की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बिलासपुर और रायपुर से स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम को अंबिकापुर पहुंचने के लिए निर्देश दिया है.
बता दें कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थित एमसीएच भवन में पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं. पीने की पानी से लेकर शौचालय तक की परेशानी बनी हुई है. ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था नहीं होने के कारण शौचालय आए दिन जाम रहता है. इसका खामियाजा मरीज व उनके परिजनों को भुगतना पड़ता है. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सही समय पर इलाज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. स्टाफ नर्स से बात करने पर सही से जवाब तक नहीं देते हैं. आवश्यकता पड़ने पर मरीज के परिजन स्टाफ नर्स के समस्या लेकर जाते हैं, तो उन्हें भगा दिया जाता है. इस तरह दुर्व्यवहार से परिजन नाराज थे और बच्चों की मौत के बाद अस्पताल के सामने चक्काजाम कर दिया.
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