बिलासपुर। हसदेव कछार के मुख्य अभियंता अजय सोमावार जाते जाते भी मनमानी कर गए। विभाग के सीनियर इंजीनियर मुंह ताकते रह गए और जूनियर इंजिनियरों को SE और SDO का प्रभार दे दिया। अब विभाग में सिर फुटौवल की नौबत आ गई है।
सिंचाई विभाग के हसदेव कछार डिविजन के चीफ इंजीनियर अजय सोमवार 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गए। विभाग में हमेशा मनमानी करने वाले सोमवार जाते जाते भी मनमानी कर गए। सोमावार ने वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर दो कनिष्ठ अधिकारी को SE और SDO के पद पर पदस्थ कर चले गए। ऐसा करते हुए उसने छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश की भी परवाह नही की। अब सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बीच सिर फुटौवल की नौबत आ गई है। क्योंकि इस आदेश से सीनियर अधिकारियों को जूनियर के अंदर रहकर काम करना होगा और उनके आदेश निर्देश का पालन करना होगा। यही नहीं समय समय पर सीनियर अधिकारियों को वो फटकार भी लगाएंगे। इन्ही सब बातों को लेकर डिप्लोमा अभियंता संघ में भारी आक्रोश है और आदेश दुरुस्त नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दे दी है।
दरअसल जल संसाधन विभाग अंतर्गत हसदेव कछार परियोजना के मुख्य अभियंता ए के सोमावार 31 जनवरी को सेवानिवृत हो गए लेकिन प्रभार सौंपने के पहले उन्होंने दो आदेश निकाले एक आदेश में कोटा में पदस्थ कार्यपालन अभियंता आई ए सिद्दीकी को अधीक्षण अभियंता (SE) जल संसाधन मंडल बिलासपुर का कार्यभार ग्रहण करने का आदेश था तो दूसरा सहायक अभियंता प्रवीण साहू को अनुविभागीय अधिकारी (SDO) उप संभाग बिलासपुर में पदभार ग्रहण करने का आदेश था। इस आदेश से विभाग में बवाल मच गया है। क्योंकि ये दोनो आदेश सोमवार ने सेवानिवृति के दिन ही जारी किए है। मुख्य अभियंता के द्वारा जारी इन दोनो आदेश को लेकर छत्तीसगढ़ डिप्लोमा अभियंता संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है। संघ ने आला अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 4 अगस्त 2011 और 14 जुलाई 2014 को जारी आदेश में कहा गया है, कि विभागो में रिक्त पदों का चालू प्रभार संवर्ग के वरिष्ठ अधिकारियों को बिना किसी युक्तियुक्त प्रशासकीय कारण से बाईपास करते हुए कनिष्ठ अधिकारिकारियो को न सौंपा जाए। लेकिन हसदेव कछार जल संसाधन बिलासपुर के मुख्य अभियंता अजय सोमावार ने सार्वजनिक अवकाश के दिन प्रवीण साहू सहायक अभियंता को अनुविभागीय अधिकारी उप संभाग बिलासपुर में पदस्थ करने का आदेश जारी किया। जबकि प्रवीण साहू 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में है और उनकी सेवा को सिर्फ 2 वर्ष ही पूर्ण हुआ है। बिना परिवीक्षा अवधि पूरा किए वित्तीय अधिकार नही नही देने का नियम है। इसलिए प्रवीण साहू अनुविभागीय अधिकारी पद के पात्र नहीं है। इसी तरह आई ए सिद्दीकी कार्यपालन अभियंता कोटा को अधीक्षण अभियंता जल संसाधन मंडल बिलासपुर का कार्यभार ग्रहण करने का आदेश है। जबकि मंडल कार्यालय में सिद्दीकी से वरिष्ठ कार्यपालन अभियंता सी एल धाकड़ और आर के बंजारे कार्यरत हैं। इसी प्रकार मंडल के अधीनस्थ एस के सराफ कार्यपालन अभियंता खारंग डिविजन और एस एल द्विवेदी कार्यपालन अभियंता कोरबा भी उनसे वरिष्ठ है।डिप्लोमा अभियंता संघ ने दोनों आदेश का विरोध करते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है नही आंदोलन की चेतावनी दी है।
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