सौ प्रतिशत ठीक हो सकता है कैंसर रोगी, ये आनुवांसिक बीमारी नहीं, मरीज से दूरी न बनाएं परिजन

बिलासपुर। अपोलो अस्पताल के विशेषज्ञों का कहना है कि अब कैंसर लाईलाज बीमारी नहीं है। अब इस बीमारी को सौ फीसदी ठीक किया जा सकता है। इसलिए इस बीमारी छुपाने जी जरूरत नहीं है और न ही समाज के लोगों को भी बीमार व्यक्ति से दूरी बनाने की जरूरत नहीं है। कैंसर अनुवांसिक बीमारी भी नहीं है।

समाज में कैंसर पीड़ितों के प्रति दोयम स्तर के व्यवहार को लेकर अपोलो हास्पिटल प्रबंधन ने चिंता और दुख जाहिर किया है। कैंसर रोगियों के प्रति जनमानस में सहृदय और नैचुरल व्यवहार किए जाने को लेकर प्रबंधन ने पत्रकारों से संवाद किया। प्रबंधन के सीनियर चिकित्सकों ने बताया कि विशेष स्थिति में कैंसर लाइलाज बीमारी नहीं है। हमें कैंसर रोगियों के प्रति सामान्य व्यवहार करना होगा। उन्हें किसी भी सूरत में समाज से अलग होकर नहीं देखना चाहिए। उन्हें अलग थलग करना अन्याय है। इससे रोगियों का मनोबल टूटता है। निश्चित रूप से इसका असर उसके दिल दीमाग और स्वास्थ्य पर असर भी पड़ेगा।
अपोलो कैंसर सेंटर ने कैंसर रोगियों और कैंसर रोगियों के प्रति सामाजिक पूवार्ंग्रहों के खिलाफ अभियान छेड़ने का एलान किया है। अपोलो प्रबंधन ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि एक पहल अनमास्क कैंसर अभियान को अपोलो हाॅसिपटल ने लाॅन्च किया है। अभियान का मूल उद्देश्य कैंसर मरीजों के प्रति समाज में समानता और सहभाव की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
डॉ. अमित वर्मा ने बताया कि कैंसर रोगियों के जीवन में अपोलो कैंसर सेंटर अनमास्क कैंसर प्रस्तुत करता है। कैंसर के बारे में सच्चाई उजागर करने के अलावा मिथकों को दूर करने के उद्देश्य से यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा। डॉ. वर्मा ने जानकारी दिया कि अनमास्क कैंसर विजेताओं की यात्रा है। जो अपने कैंसर के इतिहास से उपजे सामाजिक पूवार्ग्रहों से जूझते हैं। यह अभियान पूवार्ग्रह के व्यापक भय पर प्रकाश डालता है। यही भय मरीजों को सामाजिक जीवन से स्वयं को छिपाने के लिए प्रेरित करता है। इस प्रकार भेदभाव का सामना करने वाले अनगिनत अन्य लोगों के अनुभवों से बाहर आने के लिये प्रेरित करता है।

डॉ.फारिदा समेत अन्य चिकित्सकों ने बताया कि अनमास्क अभियान स्पंदन संस्था के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। दोनो संस्थाएं कैंसर के प्रति समाज में स्थापित मिथकों के खिलाफ समर्पित हैं। कैंसर के खिलाफ लड़ाई कर भावनात्मक पहलू को रेखांकित कर सामने लाया जाएगा।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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