
मुजफ्फरपुर। किसानों की शिकायतों को देखते हुए वन संरक्षक मुजफ्फरपुर ने 500 नीलगाय को मारने का आदेश दिया है। नीलगायों को मारने के लिए हैदराबाद और चेन्नई से विशेषज्ञ को बुलाया गया है। इस आदेश में वन संरक्षक ने राज्य से मिली शक्ति का प्रयोग किया है।
लगातार नीलगायों की बढ़ती संख्या के कारण किसानों को भारी मात्रा में फसल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके लिए वन संरक्षक ने मुख्य वन्यप्राणी संरक्षक को पत्र लिखा था लेकिन किसी भी तरह का जवाब नहीं मिला। जिसके बाद वन प्रमंडल पदाधिकारी तिरहुत वन मंडल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। जानकारी के मुताबिक वन विभाग ने निर्देश दिया है कि एक दिन में 50 से अधिक नीलगाय नहीं मारे जाएंगे। इसका कारण है मृत नीलगायों को दफनाने का कार्य सही ढंग से किया जा सके। इसके लिए विशेषज्ञों की विशेष सलाह ली गई है। नीलगाय के शव दफनाने की कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। साथ ही ध्यान दिया जाएगा कि गर्भधारित मादा नीलगाय और शिशु नीलगायों को नहीं मारा जाए। इसके अलावा बता दें कि मीनापुर क्षेत्र में 100, औराई में 50, कटरा में 25, गायघाट में 25, कांटी में 100, मड़वन में 50, सरैया में 50, मोतीपुर में 50 व पारू में 50 इस तरह से कुल पांच सौ घोड़परसों को समिति द्वारा आखेड मारने के लिए निर्धारित किया गया है। पत्र में बताया गया कि जिले के विभिन्न प्रखंडों के गैर वन इलाकों में किसानों के खेती वाले फसलों की घोड़परासों द्वारा व्यापक क्षति एवं बर्बादी पहुंचाई जा रही है। घोड़परासों की बड़ी संख्या में होने के कारण कृषि फसलों को क्षति पहुंचाने एवं अन्य उपायों से नियंत्रित नहीं होने के कारण जंगली पशुओं को मारने का निर्णय लिया गया है।
Author Profile

Latest entries
UncategorizedMay 28, 2026पुलिस ने 3 डीजल चोरों को किया गिरफ्तार, हाइवे किनारे खड़ी वाहनों को बनाते थे निशाना
बिलासपुरMay 27, 2026खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध कोल डिपो सील, 1500 मीट्रिक टन कोयला जप्त, लोडर, JCB और हाइवा समेत 9 गाड़ियां भी जप्त
बिलासपुरMay 27, 2026मोटरसाइकल हटाने को लेकर जानलेवा हमला, दो आरोपी फरार
बिलासपुरMay 27, 2026तखतपुर रोड में सड़क हादसा, एडिशनल एसपी के चाचा की मौत, तेज रफ्तार बस ने मारी टक्कर
