बिलासपुर। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अगले वर्ष जनवरी से आरंभ होने वाले दुनियां के सबसे बड़ा धार्मिक मेला महाकुंभ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसे प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के स्थानीय अधिकारियों जागरूकता अभियान तो चला ही रहे है। देश के कई संगठन भी अपने अपने स्तर पर जोरशोर से अभियान को आगे बढ़ा रहे है। ऐसा की एक प्रयास “पर्यावरण संरक्षण गतिविधि” नामक संस्था कर रही है। यह संस्था महाकुंभ के लिए “एक झोला और एक थाली” के नाम अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान को चलाने का मुख्य उद्देश्य मेला स्थल को प्लास्टिक मुक्त करना है। यही कारण है कि पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के कार्यकर्ता लोगों से एक थाली और एक झोला दान करने की अपील की है। जो झोला और थाली कलेक्शन होगा उसे प्रयागराज में अखाड़ों के टेंट और धर्मशालाओं को दिया जाएगा और उनसे अपील की जाएगी कि जो श्रद्धालु आएंगे उन्हें इसी थाली में ही नाश्ता और भोजन परोसा जाए। श्रद्धालुओं को भोजन और नाश्ता के लिए खिलाने के लिए डिस्पोजल प्लेट या थाली का प्रयोग न करें। यही नहीं दोना पत्तल का भी प्रयोग न किया जाए। क्योंकि इस महाकुंभ में प्रतिदिन 20 से 25 लाख श्रद्धालु आएंगे। इतने लोगों को प्लास्टिक के प्लेट या थाली में नाश्ता और भोजन परोसने से भयंकर प्रदूषण फैलने की संभावना है। इन कचरों का नष्टीकरण भी आयोजकों के लिए कठिन हो जाएगा। यही कारण है कि संस्था ने लोगों से कपड़े का झोला और स्टील की थाली दान करने की अपील की है। बिलासपुर में यह दान किलावार्ड निवासी अभय बापते को कर सकते है। उनका मोबाइल नंबर 9425225723 है। हालांकि पर्यावरण संरक्षण गतिविधि की ओर से हर शहर और कस्बे के लिए कार्यकर्ता नियुक्त कर रहे है जो शीघ्र ही लोगों से संपर्क करेंगे।
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