गौरेला। प्रदेश के 10 नगरीय निकायों में मंगलवार को सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हुआ जो शाम तक खत्म भी हो गया। इस दौरान कई जगहों से ईवीएम खराबी और विवाद की खबरें सामने आईं। लेकिन सबसे चौंकाने वाली घटना गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से आई है, जहां मृत व्यक्ति के नाम पर वोट डाले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक गौरेला के मिश्री देवी माध्यमिक स्कूल में वार्ड क्रमांक 02 में मतदान के दौरान 23 वर्षीय आकाश साठे के नाम पर वोट डाला गया, जबकि कुछ समय पहले ही उनका निधन हो चुका है। जैसे ही यह मामला सामने आया कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधियों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पीठासीन अधिकारी से लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
इस घटना से स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। चुनाव आयोग बार-बार मतदाता सूची के पुनरीक्षण की बात करता है, लेकिन इस मामले ने स्पष्ट कर दिया कि मतदाता सूची अपडेट करने में भारी लापरवाही बरती गई है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि कहीं और कितने मृत लोगों के नाम पर वोट डाले गए होंगे?
00 क्या कहता है चुनाव आयोग
इस मामले पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है, लेकिन यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर बड़ा धब्बा होगा। राजनीतिक दलों ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
00। क्या निष्पक्ष रह पाएगा चुनाव
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मतदान के दौरान हुई इस गंभीर अनियमितता से मतदाताओं के बीच भी नाराजगी देखी जा रही है। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब मृत व्यक्ति भी वोट डाल रहे हैं, तो निष्पक्ष चुनाव की क्या गारंटी है ? अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
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