नकली खाद से किसान रहें सावधान, खरीदने से पहले करें गुणवत्ता की पहचान, कैसे पहचाने असली और नकली खाद

बिलासपुर। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों द्वारा खेतों की तैयारी और उर्वरकों की खरीदी का कार्य तेजी से शुरू हो गया है। ऐसे में कृषि विभाग ने किसानों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि खाद खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें। नकली अथवा मिलावटी खाद के उपयोग से फसलों की वृद्धि प्रभावित होने के साथ-साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसानों को खाद केवल पंजीकृत सहकारी समितियों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदनी चाहिए तथा खरीदारी की रसीद अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। विभाग द्वारा किसानों को असली और नकली उर्वरकों की पहचान के लिए सरल उपाय भी बताए गए हैं। विभाग के अनुसार असली डीएपी खाद के दानों को चूने के साथ मलने पर तेज अमोनिया जैसी गंध आती है। वहीं तवे पर गर्म करने पर इसके दाने फूल जाते हैं। नकली डीएपी प्रायः कठोर, भूरे अथवा काले रंग की होती है तथा इसके दाने आसानी से नहीं टूटते। यूरिया के असली दाने सफेद, चमकदार तथा एक समान आकार के होते हैं और पानी में पूरी तरह घुल जाते हैं। इसके घोल को छूने पर ठंडक महसूस होती है। वहीं गर्म करने पर असली यूरिया पिघल जाती है, जबकि नकली यूरिया के दाने नहीं पिघलते।
सुपर फॉस्फेट की पहचान इसके भूरा-काले रंग तथा कठोर दानों से की जा सकती है। इसके दाने गर्म करने पर नहीं फूलते, जबकि अन्य मिश्रित उर्वरकों में ऐसा देखा जाता है। इसी प्रकार असली पोटाश के दाने खिले-खिले रहते हैं तथा पानी डालने पर आपस में नहीं चिपकते। पानी में घुलने पर इसका लाल भाग ऊपर तैरता दिखाई देता है। जिंक सल्फेट जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों में मिलावट की संभावना अधिक रहती है। इसकी शुद्धता की पहचान रासायनिक परीक्षणों से की जा सकती है। किसानों को संदेह की स्थिति में कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर जांच कराने की सलाह दी गई है।
उप संचालक कृषि ने किसानों से अपील की है कि वे खाद की उपलब्धता या गुणवत्ता को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से बचें और किसी भी प्रकार की शिकायत या संदेह होने पर निकटतम कृषि विभाग कार्यालय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क करें। विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा नकली खाद के विक्रय और अवैध भण्डारण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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