बिहार के नक्सल क्षेत्र से पकड़ाया 15 करोड़ का डकैत, छत्तीसगढ़ में भी कर चुका है 5 करोड़ की डकैती, 11 महीने से पुलिस को दे रहा था चकमा

डेस्क न्यूज। जबलपुर पुलिस ने बैंक से 15 करोड़ की डकैतो करने वाले डकैत को बिहार के नक्सल क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। डकैत का ये मास्टरमाइंड छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में भी 5 करोड़ की डकैती कर चुका है। उसके लिए चार राज्यों की पुलिस ने इनाम घोषित किया था। डकैती की रकम से आरोपी ने कोयले की ट्रांसपोर्टिंग करने लगा था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके अवैध नेटवर्क और काली कमाई से जुड़े कई बड़े खुलासे हुए हैं। शक से बचने के लिए उसने अपनी पत्नी को धनबाद के एक बुटीक में मामूली नौकरी पर लगवाया था।
11 अगस्त 2025 को जबलपुर जिले के सिहोरा स्थित साफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में पांच हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े डकैती को अंजाम दिया था। डकैतों ने महज 18 मिनट में ही करीब 14.5 करोड़ रुपए कीमत का सोना और 5 लाख रुपए नकद लूट लिए थे। यह जबलपुर जिले की सबसे बड़ी बैंक डकैतियों में से एक थी। वारदात के बाद पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले। जांच में गैंग के ज्यादातर सदस्य गिरफ्तार हो गए थे। लेकिन मास्टरमाइंड सुनील पासवान 11 महीने तक फरार था। उस पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड पुलिस ने कुल 1 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। 16 जुलाई 2026 की सुबह जबलपुर क्राइम ब्रांच और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसे बिहार के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बांके बाजार क्षेत्र के एक गांव से उस समय दबोचा जब वह नग्न हालत में सो रहा था। पुलिस को देखते ही उसने चादर लपेटकर छत के रास्ते भागने की कोशिश की लेकिन घेराबंदी के चलते पकड़ा गया। टीम करीब 120 घंटे तक लगातार निगरानी कर रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि सुनील पासवान लंबे समय से अंतरराज्यीय बैंक डकैत गिरोह का सरगना है। उसने 19 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित एक्सिस बैंक में करीब 5.62 करोड़ रुपए (4.19 करोड़ नकद और 1.43 करोड़ रुपए का सोना) की डकैती की थी। उस मामले में उसके कई साथी गिरफ्तार हुए थे, लेकिन वह फरार हो गया था। इसके बाद उसने बिहार और झारखंड में भी बैंक लूट और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार मध्य प्रदेश आने के बाद सुनील पासवान की मुलाकात राजेश दास से हुई। दोनों ने सिहोरा की तीन बैंकों की रेकी की। इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में सुरक्षा गार्ड नहीं होने के कारण उसे निशाना बनाया गया। गैंग ने करीब 10 दिन तक बैंक की रेकी की। फिर मझौली में फेरीवाले के नाम पर किराए का मकान लिया और जबलपुर से मोटरसाइकिल खरीदकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, डकैती से मिले सोने और रकम को सुनील निवेश करता था। उसने चार से अधिक ट्रक और दो लग्जरी कारें खरीदीं। अपनी फर्म के जरिए कोल माइंस में वाहन चलवाए, जिन्हें रिश्तेदारों के नाम पर रखा था। टैक्स और जीएसटी का भुगतान भी वही करता था।
एएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील बेहद शातिर अपराधी था। वह पुलिस से बचने के लिए हर चार दिन में ठिकाना बदलता था। गिरफ्तारी वाले दिन भी वह सुबह चार बजे नया ठिकाना बदलने वाला था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। वह स्मार्टफोन की बजाय की-पैड मोबाइल इस्तेमाल करता था और समय-समय पर सिम बदल लेता था। पहचान छिपाने के लिए लग्जरी कार के बजाय होंडा हॉर्नेट रेसिंग बाइक से आवाजाही करता था।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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