भिलाई स्टील प्लांट से 114 करोड़ का लोहा चोरी, CBI को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी, कई सफेदपोश होंगे बेनकाब

दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से 114 करोड़ रुपए का लोहा और स्क्रैप चोरी मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) करेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस करोड़ों के घोटाले की जांच CBI से कराने की मंजूरी दे दी है। इस मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। CBI जांच में कई सफेदपोश के बेनकाब होने की संभावना है।
मामला अकलोरडीही खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स से करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद होने के बाद सामने आया था। पुलिस ने स्क्रैप के साथ कई वाहन और मशीनें भी जब्त की थीं। इसके बाद पुरानी भिलाई थाने में केस दर्ज किया गया। जांच में पुलिस ने संजय सिंह को मास्टरमाइंड बताया और उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद स्क्रैप को बीएसपी से बाहर निकालने, फ्लू डस्ट ले जाने वाले वाहनों में लोड करने और आगे खपाने से जुड़ी कड़ियां सामने आईं। जांच के दौरान रसमड़ा के रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में चोरी के स्क्रैप की खपाने की बात सामने आई थी।
इसके बाद कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग (60) और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह (39) को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार अब तक इस मामले में 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें 3 जमानत पर बाहर हैं, जबकि 5 आरोपियों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इस मामले को लेकर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्रीय इस्पात मंत्रालय, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष समेत कई लोगों को पत्राचार करके शिकायत की थी। विधायक ने सीबीआई के साथ ईडी, ईओडब्ल्यू और एसीबी से भी जांच की मांग की थी। अब राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद मामले में सीबीआई की आधिकारिक एंट्री हो गई है। अधिसूचना जारी होने के बाद विधायक रिकेश सेन ने कहा कि राष्ट्रीय संपत्ति चोरी करने वालों पर कार्रवाई होगी। इस मामले में रसमड़ा स्टील कंपनी के MD और डायरेक्टर समेत अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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