बिलासपुर। शनिवार को अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय में “कोविड पैडेमिक की रोकथाम में विश्वविद्यालयों की भूमिका” पर वेबीनार सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यपाल और कुलाधिपति सुश्री अनुसुइया उइके रही। सर्वप्रथम इस कार्यक्रम के उद्बोधन सत्र की शुरुवात सभी अतिथियों के स्वागत भाषण स्वागत अध्यक्ष कुलपति, आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने सभी विद्वानों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए और कोरोना महामारी के संकट कालिन दौर में विश्वविद्यालयों की सहायता व भूमिका को स्पष्ट किया। उन्होंने इस भयावह समय में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को कुछ वैक्सीनेशन सेंटर के रूप में डेवलप करने एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वैक्सीनेशन की गति को तेज करने पर बल दिया। इसके लिए विश्व विद्यालयीन हाई पावर कमेटी का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य होगा कि ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन हो और लोग स्वस्थ हो सके। उन्होंने मानवता की रक्षा को जीवन का मूल मंत्र बताया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रहे प्रोफ़ेसर नागेश्वर राव, कुलपति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली ने कहा कि कोरोना के शुरुआती दौर में लोगों में मुकाबला का उत्साह था और अब वह उत्साह थोड़ा मंद पड़ रहा है। हमे उसे जगाने की आवश्यकता है इसके लिए उन्होंने इस कोरोना महामारी का डटकर मुकाबला करने पर बल दिया। साथ-साथ सरकार के गाइडलाइन का पालन करने की बात कही।
कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता रहे प्रोफ़ेसर केशरी लाल वर्मा कुलपति पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर ने युवा शक्ति को इस संसार की सबसे बड़ी शक्ति बताया और उन्होंने कहा कि युवा शक्ति की मदद से यदि लोगों को जागरुक किया जाए तो इस बीमारी से जल्द ही निजात पाया जा सकता है ।
तत्पश्चात कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर पी. वी. कृष्ण भट्ट कुलाधिपति केंद्रीय विश्वविद्यालय, उड़ीसा, कोरापुट ने बतलाया की इस महामारी को सबके सहयोग के द्वारा दूर किया जा सकता है। पक्ष एवं विपक्ष के सभी लोगों को मिलकर काम करना चाहिए तथा इस महामारी के विषय में हमें अपने आसपास के लोगों को जागृत करना चाहिए। समाज में भय और भ्रम को दूर कर हमे मनोबल के साथ इस महामारी का सामना करना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहीं परम सम्माननीया सुश्री अनुसूईया उइके राज्यपाल छत्तीसगढ़ एवं कुलाधिपति अटल बिहारी बाजपई विश्वविद्यालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ ने सभी विद्वानों को इस अद्भुत पहल हेतु बधाई दिया। मुख्य तौर पर बिलासपुर विश्वविद्यालय के इस जनकल्याणकारी पहल पर हर्ष व्यक्ति किया एवं कुलपति ए.डी. एन. वाजपेई के नेतृत्व में हो रहे इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की, उन्होंने गढ़बो नवा विश्वविद्यालय की अनूठी पहल को आगे बढ़ाते हुए ऑनलाइन एडमिशन एवं डिग्री प्रदान कर ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने की बात की एवं आपदा प्रबंधन, योग, आयुर्वेद तथा सरकार के द्वारा दी जा रही गाइडलाइन के पालन के द्वारा, कोरोना पर विजय का मूल मंत्र बतलाया। कार्यक्रम का संचालन सौमित्र तिवारी, शारीरिक शिक्षा विभाग एवं सुश्री श्रिया साहू ने किया। इस अवसर पर professor Sudhir Sharma सुधीर शर्मा कुलसचिव ने राज्यपाल एवं कुलपति मुख्य अतिथियों को धन्यवाद प्रेषित किया। कार्यक्रम में उपस्थित ए. के. एस. विश्वविद्यालय सतना के कुलाधिपति एवं कुलपति विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन तथा प्रदेश और देश के कई गणमान्य प्रोफेसर कार्यक्रम में जुड़े थे।
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