18 प्लस का वेक्सिनेशन स्थगित, कारण- हाईकोर्ट का आदेश या वेक्सीन की कमी ?

रायपुर। प्रदेश में 18 प्लस वालों को किए जा रहे वेक्सीनेशन को फिलहाल स्थगितबकर दिया गया है। इसके पीछे मुख्य वजह कोविड वैक्सीनेशन में आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को माना जा रहा है।
1 मई से प्रारम्भ 18 प्लस के टीकाकरण में पहले अंत्योदय फिर बीपीएल और एपीएल श्रेणियों के लोगों को टीका लगाया जाना था, जिसे सरकार ने एक आदेश जारी कर स्थगित कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश का परिपालन और इसके आदेश के अनुसार टीके की पर्याप्त मात्रा में प्राप्ति का अभाव भी इसकी वजह है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के उप सचिव सुरेश सिंह बाघे ने आदेश जारी किया है।
सरकार का कहना है कि राज्य में 18 से 45 वर्ष आयु के लगभग डेढ़ करोड़ लोग हैं और टीके डेढ़ लाख भी नही। नए टीके का ऑर्डर दोनो वैक्सीन निर्माता कंपनियों को दे दिया गया है लेकिन डिलीवरी में लेट होने के कारण फिलहाल 18 से 45 वर्ष के लोगो का टीकाकरण तत्काल आदेश से स्थगित किया जाता है।
इससे पहले बुधवार को छजका नेता अमित जोगी सहित अलग-अलग कई लोगों ने जनहित याचिका दायर की गई थी। जिसमे कहा गया था कि सरकार इस प्रकार से वैक्सीनेशन में रिजर्वेशन लागू नहीं कर सकती। यह समानता के अधिकार का हनन है। इस बहस पर हाई कोर्ट में कहा गया था कि अगर बीमारी किसी में भेदभाव नही करती तो सरकार ऐसा कैसे कर सकती है? शुक्रवार को अगली सुनवाई का वक्त देकर हाईकोर्ट ने कहा है कि तब तक सरकार नई नीति पर विचार करे। इधर सरकार ने जारी आदेश में कहा है कि वैक्सीन की भरपूर मात्रा ना होने की वजह से अगर सभी के लिए वैक्सीनेशन शुरू कर दिया गया तो स्थिति बिगड़ने का भय है। हो सकता है अगले कुछ दिनों में सरकार अलग- अलग वर्ग के लिए वैक्सीन अनुपात द्वारा विभाजित कर किसी नई नीति के तहत वैक्सीनेशन फिर से शुरू करे।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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