प्रदेश की राजधानी में 3 करोड़ 60 लाख का फर्जीवाड़ा, चेक का क्लोन बनाकर दिया ठगी को अंजाम, बैंक के AGM ने थाने में की शिकायत

रायपुर। प्रदेश की राजधानी रायपुर के एक बैंक में 3 करोड़ 60 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिसमे आरोपी ने दो कंपनियों के चेक का क्लोन बनाकर राशि आहरण कर ली है। इस मामले में बैंक के कुछ कर्मचारियों पे भी संदेह की सुई घूम रही है। फिलहाल पुलिस ने बैंक अधिकारियों की शिकायत पर मामले की जांच शुरु कर दी है।

मामला केनरा बैंक का है, बैंक में जिन दो कंपनियों का चेक जमा करके राशि आहरण की गई है उन नंबरों के चेक सरकारी दफ्तरों में सुरक्षित है। मतलब साफ है कि ठगों ने चेक का क्लोन बनाकर राशि आहरण की है। इस मामले में बैंक की ओर से एजीएम के.भानुमूर्ति ने आमानाका पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। जिसके बाद अब कैनरा बैंक के कुछ ज़िम्मेदार कर्मचारी और अधिकारी भी जांच के घेरे में है। क्योंकि इतनी बड़ी राशि बिना कंपनी के अफसरों को सूचना दिए कैसे पेमेंट कर दी गयी। इस मामले में सुहास हरिश्चन्द्र काले नाम के ब्यक्ति का नाम सामने आ रहा है। जिसमे आरोपी ने पूरी साजिश के तहत इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। काले ने पहले टाटीबंध स्थित बैंक में जाकर 8 मार्च को खाता खुलवाया और लोकल एड्रेस दिखाने के लिए देवेंद्र नगर के एक मकान का किरायानामा बैंक में ज़मा किया और पंडरी में अपनी कंपनी का आफिस बताया। इसके ठीक 15 दिनों बाद पहला चेक 48 लाख रुपयों बैंक में ज़मा किया और पूरे पैसे नगद निकाल लिए। इसके पश्चात थोड़े-थोड़े दिनों में 5 मई तक आरोपी काले ने 7 चेक ज़मा कर कुल 3.60 करोड़ रुपए निकाल धोखाधड़ी के इस पूरे खेल को अंजाम दिया।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रबंधन से बैंक से पैसे निकालने आए व्यक्ति के CCTV फुटेज की भी मांग की है। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी सुहास हरिश्चंद्र काले नाम के एक ब्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, जाली दस्ताववेज तैयार करने सहित साजिश रचने की धाराओं में अपराध दर्ज किया है। आरोपी ने स्वयं को विष्णु लक्ष्मी लैंड डेवलपर्स और रायपुर बिल्डर्स का डायरेक्टर बताया था और बैंक में कुल 7 चेक ज़मा कर नगद पैसे निकाल लिए थे। ज़मा किये गए चेक बिहार के सरकारी विभागों के चेक की कॉपी है।

कंपनी ने बैंक प्रबंधन से किया संपर्क
बिहार की दोनों कंपनियों ने जब बैंक प्रबंधन से संपर्क किया कि पैसे कैसे निकल रहे है और किस आधार पर पेमेंट हो रहा है तो बैंक ने दोनों विभागों के दफ्तर में उन 7 चेक की कॉपी भेज दी। जिसके बाद कंपनी के अफसरों के होश उड़ गए और उन्होंने बताया कि उनकी ओर से रायपुर की किसी भी कंपनी को चेक नहीं ज़ारी किया है और आरोपी द्वारा जिस नम्बर का चेक बैंक में ज़मा किया गया है वह उनके दफ्तर में मौजूद है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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