जांजगीर-चांपा। शक्ति थाने में पदस्थ आरक्षक की संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आरक्षक 30 अप्रेल से ड्यूटी से नदारत था। तीन डॉक्टरों की उपस्थिति में उसका पोस्टमार्टम कराया गया है। दुसरी ओर एसपी पारुल माथुर ने दंडाधिकारी जांच के लिए कलेक्टर के पास प्रतिवेदन भेज दी है।

जांजगीर के मृत आरक्षक का शार्ट पीएम रिपोर्ट आ गया हैं जिसमे डॉक्टरों ने कार्डियोरिसपाइरेट्री अरेस्ट के कारण मौत होने का जिक्र किया हैं। जिसका अर्थ हैं कि श्वशननली के दबने से फेफड़ों में आक्सीजन की कमी से हृदयगति रुकने से मौत। मामले की गम्भीरता को देखते हुए किसी भी आरोप प्रत्यारोप से बचने पुलिस फूंक फूंक कर कदम रख रहीँ है। यही कारण है कि तीन पुलीस कर्मचारियों की उपस्थिति में तीन डॉक्टरों की टीम से विडियो ग्राफी के साथ मृत आरक्षक का पोस्टमार्टम करवाया हैं। जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आना बाकी हैं।
गौरतलब हैं कि मुंगेली और निवासी शक्ति थाने में पदस्थ आरक्षक पुष्पराज सिंग की ड्यूटी थाने में मुलजिम पेशी के लिए लगी हुई थी। आरक्षक पुष्पराज 30 अप्रेल से लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर था। गुरुवार की रात आरक्षक पुष्पराज अपने दीनदयाल आवास स्थित आवास से दूसरे आरक्षक गौरीशंकर राम की स्कूटी को मांग कर थोड़ी देर में आने की बात कह कर निकला था। आरक्षक पुष्पराज जांजगीर नया बस स्टैंड की ओर गया हुआ था जहाँ देशी शराब दुकान से कुछ दूरी पर मेन रोड से हट कर कच्चे मार्ग से स्कूटी से जा रहा था। इस रास्ते मे अस्थाई रूप से बिजली लाइन खिंचने के लिए बॉस के खम्भे लगे हुए थे जिनके सहारे बिजली के तारो को पास किया गया था। जांजगीर में घटना के थोड़ी देर पहले आये आंधी तूफान की वजह से बॉस गिर गया था। पुलिस के अनुसार बारिश की वजह से कच्चे रास्ते मे पुष्पराज स्कूटी सहित स्लिप खा कर बास और उलझे हुए बिजली के तारों के बीच गिर पड़ा होगा। बिजली के केबल वायर में गला फंसने से उसकी मौत हो गई। स्कूटी गिरने की आवाज सुन कर दारू भट्टी का सिक्युरिटी गार्ड देवेंद्र धीवर निकला और जा कर पुष्पराज के गले मे फसे तार को निकालने की कोशिश की पर सफलता न मिलने पर उसने आस पास के लोगो और डायल 112 को सूचना दी। सूचना पर पहुँचे पुलिस ने तार निकाल कर आरक्षक को हास्पिटल पहुँचाया जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।
00 तीन बार बर्खास्तगी के बाद हुई थी बहाली
पुलिस आंदोलन में भाग लेने, पुलिस विभाग को धमकी देने व उस समय कि वर्तमान एसपी नीतू कमल से बहस करने की वजह से आरक्षक पुष्पराज को बर्खास्त कर दिया गया था। आंदोलन खत्म होने पर उसे बहाल भी कर दिया गया था। इसके बाद उसे गांजा तस्कर को 60 हजार रिश्वत ले कर छोड़ने व लगातार 109 दिन अनुपस्थित रहने पर एक एक बार बर्खास्त किया गया था। डीजीपी के यहां अपील करने पर आरक्षक तीनो बार बहाल हो गया था। इसी तरह पुष्पराज को बर्खास्तगी के अलावा 6 बार निलंबित भी किया जा चुका था। पिछले साल कोरोना से आये हुए संकट को देखते हुए सीएम रिलीफ फंड में एक साल का वेतन दान कर के आरक्षक चर्चा में आया था,जिसकी सीएम व गृहमंत्री ने ट्वीट कर तारीफ भी की थी।
00 करता था सोशल मीडिया पे लगातार पोस्ट
आरक्षक पुष्पराज की हमेशा पुलिस के अधिकारियों से ठनी रहती थी वह उनके व सिस्टम के खिलाफ लगातार सोशल मीडिया में ट्वीट करते रहता था। कुछ दिनों पूर्व जिले के एक थानेदार को एक आरक्षक द्वारा उसके घर मे घुस कर पीटने को सही ठहराते हुए भी उसने सोशल मीडिया में पोस्ट कर दिया था। इसी तरह लगातार चुनोती भरे अंदाज में पुष्पराज के पोस्ट होते थे, इसलिए आज पुष्पराज की मौत के बाद उसकी सुनियोजित हत्या की आशंका लोग सोशल मीडिया पे जता कर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे है।
00 दंडाधिकारी जांच के लिए गया प्रतिवेदन
एसपी पारुल माथुर ने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के लिए तीन डॉक्टरों की टीम से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम करवाने के साथ ही यह “हत्या है या हादसा” इसकी निष्पक्षता से जांच करवाने के लिए कलेक्टर को दंड़ाधिकारि जांच के लिए प्रतिवेदन भेजा हैं।
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