बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि जिस स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों ने कोरोना से लड़ने के लिए दिनरात मेहनत कर रहे है उनके ही परिवार वालों को अभी तक टीका नही लगाया गया। विडम्बना ये है कि विभाग को टीका लगाने की सुध भी नही है। जबकि संक्रमित होने का सबसे ज्यादा खतरा उनके ही परिजन को है।
विगत 14 माह से कोविड संक्रमण के रोकथाम में कार्यरत हर संवर्ग के अधिकारी-कर्मचारी बिना अवकाश के अपनी जान जोखिम में डाल कर बिना पर्याप्त सुविधा के संक्रमण के बीच आम नागरिकों की जांच करने के साथ साथ सतत उपचार देते हुए खुद भी संक्रमित हो कर उपचार उपरांत पुनः सेवा कार्य में लगे हैं ।
चिकित्सक एवं कर्मचारी खुद संक्रमित तो हो ही रहे है परिवार के सदस्य भी संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की समस्यायों को सुनने वाला कोई नही है। कोई अधिकारी ये पूछने वाला नही है कि स्वास्थ्य कर्मी विपरीत परिस्थिति में कैसे कार्य कर रहा है ? उसका पारिवारिक जिंदगी कैसे चल रही है ? उसकी आर्थिक स्थिति कैसी है?
हर समय दबाव पूर्वक जबरदस्ती नियम विरुद्ध कार्य कराना, नही करने पर सजा का भय दिखाना।
कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में तो राजस्व अधिकारियों द्वारा चिकित्सक एवं कर्मचारियों के साथ दुर्बयवहार किया गया है ।
एक तरफ माननीय मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा कर मुकर चुके है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने वैश्विक महामारी के नियंत्रण में ईमानदारी पूर्वक कार्य सम्पादित कर शायद बहुत बड़ा अपराध कर दिया है जिसके कारण शासन उन्हें वार्षिक वेतनवृद्धि भुगतान में रोक लगा दिया। शासन आर्थिक शोषण करने में यहीं नही रुकी, दबाव पूर्वक स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन वेतन भी काट दिया। फिर भी कर्मचारी रोगियों की सेवा को अपना धर्म मानते हुए सर झुकाय उपचार एवं नियंत्रण कार्य में लगा हुआ है।
प्रशासन द्वारा हमारे साथ रोगियों उपचार ब्यवस्था की सतत निगरानी कर समाचार प्रकाशित करने वाले पत्रकार बन्धुवों के परिवार का सामूहिक टीकाकरण किया गया। न्यायालय के सभी संवर्ग के कर्मियों के परिवारों का सामूहिक टीकाकरण कराया इसके लिए प्रशासन बधाई का पात्र है लेकिन उन्हें भुला दिया जो जमीनी स्तर पर नियन्त्र कार्य में लगा हुआ है। सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों के परिवार जनों को सुरक्षित करने टीकाकरण कराया जाना था। लेकिन प्रशासन भी शासन के कदमों पर चलते हुए पर स्वास्थ्य कर्मियों के परिवार जनों का एकमुश्त टिकाकरण कराने कोई कार्य योजना न बना कर स्वास्थ्य कर्मियों के भावनाओ को ठेस पहुंचाया है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा माननीय कलेक्टर/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र प्रेषित कर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान ,एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन अपनी सेवाएं दे रहे चिकित्सक एवं समस्त संवर्ग के कर्मचारियों के परिजनों का एक मस्ट टीकाकरण करने सिम्स एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तखतपुर, कोटा, बिल्हा,एवं मस्तूरी में पृथक से टीकाकरण केंद्र स्थापित करें ताकि कर्मचारियों के परिजनों सहित कार्यरत कर्मचारी को कार्य में कोई ब्यवधान पैदा न हो ।
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