कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का जंगी प्रदर्शन, केशरवानी के नेतृत्व में उठाए गए सड़क, पानी, बिजली और प्रशासनिक आतंकवाद के मुद्दे

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के सड़क, पानी, बिजली की समस्या और प्रशासनिक आतंकवाद के खिलाफ कांग्रेस कलेक्ट्रेट में जंगी प्रदर्शन किया। बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की। पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में नेहरू चौक से लेकर कलेक्ट्रेट तक पुलिस की तीन लेयर बैरिकेडिंग को तोड़कर आगे बढ़ने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि पिछले तीन वर्षों से करोड़ों रुपये के विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर सड़कों में केवल गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केसरवानी के नेतृत्व में हुए इस जंगी प्रदर्शन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन राजनीतिक दबाव में कार्रवाई कर रहा है। कांग्रेस ने अवैध प्लॉटिंग, रेत उत्खनन, विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है। जमीनों के मामलों में भी अनियमितताओं की जा रही है।इसके अलावा पूरे विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत, जलभराव से राहत, अवैध रेत-मुरुम उत्खनन और रॉयल्टी की जांच, पंचायत एवं नगर निगम के विकास कार्यों में कथित हस्तक्षेप, गरीब परिवारों के मकानों पर कार्रवाई तथा बिजली बिलों की समस्याओं को भी उठाया गया। कांग्रेस ने खनिज विभाग, तहसील और संबंधित राजस्व अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग भी की। कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में सवाल उठाया कि बेलतरा ‘बदलापुर’ क्यों बन गया है और विधायक के कथित दबाव में प्रशासन इतना असहज क्यों है? ज्ञापन में राजनीतिक भेदभाव और प्रतिशोध की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। प्रदर्शन के दौरान विजय केशरवानी ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी देते हुए कहा, “याचना नहीं, अब रण होगा; संग्राम महाभीषण होगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बेलतरा के ग्रामीणों और निवासियों की समस्याएं लेकर कलेक्टर के पास पहुंची थी, लेकिन प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने सख्ती दिखाई। उनके मुताबिक, महिलाओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और हालात ऐसे बन गए कि लाठीचार्ज की नौबत आ गई। खराब स्वास्थ्य के बावजूद व्हीलचेयर पर आंदोलन में शामिल केशरवानी पूरे समय प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद रहे और वाटर कैनन का सामना करते रहे। केशरवानी ने कहा कि बेलतरा की जनता को आश्वासन नहीं, विकास चाहिए; बयान नहीं, काम चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, तो सड़कें बदहाल क्यों हैं और जनता की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो रहा? कांग्रेस ने चेतावनी दी कि इन सवालों का जवाब और समस्याओं का समाधान नहीं मिला, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विकास के बजाय राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक हस्तक्षेप की शिकायतें बढ़ रही हैं। विधायक का काम जनता की समस्याओं का समाधान कराना है, न कि प्रशासन को अपनी मर्जी से चलाना। केशरवानी ने कहा कि अधिकारी आज यहां हैं, कल दूसरी जगह चले जाएंगे, लेकिन जनता को यहीं रहकर इन समस्याओं से जूझना पड़ेगा। इसलिए प्रशासन को किसी के दबाव में काम करने के बजाय जनता के प्रति अपनी जवाबदेही निभानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के कथित दबाव में किसानों की खड़ी फसल के बीच सीमांकन कराया गया। केशरवानी ने धनंजय सिंह के परिवार की एक ही स्थान पर स्थित लगभग 45 एकड़ भूमि के सीमांकन, नोटिस जारी करने की प्रक्रिया और कार्रवाई के समय की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “यह प्रशासनिक आतंकवाद नहीं तो और क्या है?” कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि इस कार्रवाई में राजनीतिक दबाव था या नहीं और पंचायत सचिव के स्थानांतरण के पीछे क्या कारण रहे। इस जंगी प्रदर्शन में काग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए और बलतारा विधायक सुशांत शुक्ला के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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