बिलासपुर। साइबर पुलिस ने च्वाइस सेंटरों के क्यूआर कोड का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने वाले 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बिलासपुर सहित रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, दुर्ग जिले के च्वाइस सेंटर के संचालकों से धोखाधड़ी की है। पुलिस ने आरोपियों से कुल 1,02,000/- रुपये नगद और एक बोलेनो कार, एक स्कूटी और दो मोबाइल जब्त जप्त किया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम खरकेना, थाना हिर्री, जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ निवासी देवेंद्र रजक पिता समाराम राम रजक, उम्र 29 साल ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह बिल्हा मोड़ बिलासपुर में लक्ष्मी च्वाइस सेंटर के संचालक हैं। 05.10.2026 को दोपहर 12:38 बजे एक व्यक्ति बुलेनो कार से आया और बोला कि मैं आपके यहां का मोबाइल फोन पे वाला लेन-देन करने आया हूं। इसके बदले मैं मुझे कैश एमाउंट दे देना। सेंटर संचालक के सहमति देने के बाद वह व्यक्ति क्यूआर कोड का फोटो अपने मोबाइल में लेकर चला गया। इसके बाद व्यक्ति के द्वारा क्यूआर कोड स्कैन करके कुल 16,000/- रुपये उड़ा लिए। इसके बाद उसके खाते में कुल 16,000/- रुपये दिया गया। इसके दूसरे दिन मेरे बैंक खाते में होल्ड लग गया तो स्टेट बैंक शाखा चकरभाठा जाकर पता किया तो जानकारी हुई कि फोन पे बैंक खाता साइबर फ्रॉड के मामले में होल्ड हो गया है। प्रार्थी को संचालकों के व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जानकारी हुई कि आरोपी के द्वारा अन्य सेंटर संचालकों से भी धोखाधड़ी की गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद घटना के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस महानिरिक्षक बिलासपुर राम गोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, नोडल अधिकारी गणन कुमार नखाते सिटी कोतवाली के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर शहर प्रकाश पाटले व उप पुलिस अधीक्षक रेसिटी संदीप सरकार के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित कर बिलासपुर क्षेत्र में आरोपियों के पुनः सक्रिय होने की संभावना पर पतासाजी की गई। इसी दौरान थाना रेंज साइबर बिलासपुर को सफलता प्राप्त हुई। आरोपी अंकित आहूजा हिर्री व बिल्हा क्षेत्र में पुनः अपराध घटित करने के प्रयास में घूमते हुए मिला। जिसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर अपने साथी आशीष केवटवानी के साथ अपराध करना स्वीकार किया। आरोपी अंकित आहूजा द्वारा आशीष केवटवानी के बोलने पर अलग-अलग च्वाइस/सीएससी सेंटरों में जाकर वहां का क्यूआर कोड अपने मोबाइल पर भेजना था। इसके बाद आशीष क्यूआर कोड को स्कैन कर रकम ट्रांसफर कर देता था। तब अंकित आहूजा संचालक से नगदी रकम लेकर भाग जाता था। संचालकों का बैंक खाता होल्ड होने पर उन्हें जानकारी हुई कि उनके खाते में आया हुआ रकम साइबर फ्रॉड की धनराशि है। दोनों आरोपी गण अपराध घटित करने एक साथ सायबर रायपुर से रवाना होकर संबंधित क्षेत्रों में जाकर संचालकों के साथ धोखाधड़ी करते थे। विवेचना के दौरान अब तक लगभग 45 पीड़ितों की शिकायत हो चुकी है। जिसके अनुसार धोखाधड़ी की कुल धनराशि लगभग 20 से 25 लाख रुपये हो रही है। कार्यवाही में थाना प्रभारी रेंज साइबर बिलासपुर प्रसाद सिन्हा, सउनि अशोक कश्यप, आर० दीपक उपाध्याय, दीपक यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
00 गिरफ्तार आरोपियों के नाम :-
01. अंकित आहूजा पिता राजेश आहूजा, आयु 32 साल, निवासी सी-504, सेक्टर 504, कमल विहार, ढूंढा, थाना मुजगहन, जिला रायपुर छत्तीसगढ़।
02. आशीष केवटवानी पिता मुरली केशवानी, उम्र 32 साल, निवासी हाउस नंबर 07, प्रेमपार्क, महावीर नगर, थाना तेलीबांधा, जिला रायपुर छत्तीसगढ़।
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